निर्भया के दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी होनी है। 7 जनवरी के दिन जब पहली बार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी तब से अब तक उनकी फांसी तीन बार टल चुकी है। अब चौथी बार इनकी फांसी की तारीख नजदीक आ चुकी है, ऐसे में आज दिन निर्णायक है कि दोषियों को कल फांसी होगी या नहीं। दोषियों ने पिछले 14 दिनों में खुद को बचाने के लिए कई याचिकाएं डाली हैं। यही नहीं दोषी अक्षय की पत्नी ने तो तलाक की अर्जी डाल दी है। इस तरह कई ऐसे केस हैं जो कल होने वाली दोषियों की फांसी में बाधा बन सकते हैं, पढ़ें पूरा मामला...
निर्भया केसः क्या 20 मार्च को भी नहीं होगी दोषियों को फांसी, ये हो सकता है कारण
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फांसी टलवाने के लिए निर्भया के दोषी लगातार दांव चल रहे हैं। बुधवार को दोषियों ने विभिन्न याचिकाएं और अपील लंबित होने को आधार बना कर फांसी टलवाने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने इस पर तिहाड़ जेल प्रशासन और पुलिस से जवाब मांगा है। अब गुरुवार की सुनवाई में तय होगा कि दोषियों को 20 को फांसी होगी या नहीं।
निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए पहले जारी किए गए तीन डेथ वारंट पर कानूनी विकल्पों के तहत रोक लग चुकी है और अब चौथे डेथ वारंट पर भी रोक की आशंका पैदा हो गई है। दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए पहला डेथ वारंट 7 जनवरी को जारी किया गया था और तब से लेकर अब तक देशभर के लोगों को दोषियों की फांसी का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि 16-17 दिसंबर 2012 की रात फिथिजियोरेपी की 23 वर्षीय छात्रा से दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था।
इस घटना के दौरान पीड़िता को गंभीर हालत में चलती बस से फेंक दिया गया था। इस घटना के बाद उपचार के दौरान करीब 15 दिन बाद छात्रा की सिंगापुर के अस्पताल में मौत हो गई थी। इस नृशंस घटना के बाद में मृतका को देश में निर्भया का नाम दिया गया था। इस मामले में छठे आरोपी राम सिंह ने मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद कथित रूप से तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी। वह दोषी मुकेश रामसिंह का सगा भाई था। इसके अलावा पांचवें नाबालिग आरोपी को सुधार गृह में तीन साल रखने के बाद 2015 में छोड़ दिया गया था।
पहला डेथ वारंट
पहला डेथ वारंट 7 जनवरी को जारी किया गया था। इसके मुताबिक दोषियों को 22 फरवरी को सुबह 7 बजे फांसी होनी थी, लेकिन दोषियों के कानूनी विकल्पों के चलते इस डेथ वारंट पर रोक लग गई थी।
दूसरा डेथ वारंट
दूसरा डेथ वारंट 17 जनवरी को जारी किया गया था। इसके अनुसार दोषियों को एक फरवरी 2020 को फांसी होनी थी, लेकिन यह डेथ वारंट भी कानूनी विकल्पों चलते स्थगित हो गया।
तीसरा डेथ वारंट
तीसरा डेथ वारंट 17 फरवरी को जारी कर दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी देने का आदेश दिया गया था, लेकिन 2 मार्च को कोर्ट ने दोषी की दया याचिका लंबित होने के कारण वारंट पर पर रोक लगा दी थी।