Nirbhaya Case: वकील की दलील से कोर्ट नाराज, कहा-मुकेश के भाई को कैसे पता कि जेल में क्या हुआ?
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पीठ ने वकील शर्मा की दलीलों पर नाराजगी जताते हुए कहा, मुकेश के भाई को कैसे पता कि जेल में क्या हुआ? सुरेश की ओर से जो बातें कही गई हैं, उनका स्रोत क्या है? सूचना का स्रोत देना अनिवार्य होता है। इस पर मुकेश के दस्तखत वाला हलफनामा भी नहीं हैं। ऐसे में यह जानकारी कहां से आई? आप कुछ ऐसा कर रहे हैं, जो बेहद आपत्तिजनक हैं। दरअसल, शर्मा ने कहा कि न्याय मित्र ने डरा-धमकाकर मुकेश से हस्ताक्षर लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली चुनाव के वक्त फांसी का आदेश पारित कराने के मकसद से यह सब किया गया।
विनय ने भी दी है हाईकोर्ट में चुनौती
एक और दोषी विनय शर्मा ने 13 मार्च को हाईकोर्ट में अपनी दया याचिका खारिज होने के फैसले को चुनौती दी। याचिका में दोषी विनय के वकील ने दावा किया कि एक फरवरी 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उनके मुवक्किल की दया याचिका खारिज किए जाने में प्रक्रियागत खामियां और सांविधानिक अनियमितताएं थीं। उन्होंने दावा किया कि दया याचिका खारिज करने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजी गई सिफारिश पर दिल्ली सरकार के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने तब दस्तखत किए, जब दिल्ली में चुनाव आचार संहिता लागू थी। ऐसे में जैन आधिकारिक तौर पर यह दस्तखत नहीं कर सकते थे।