16 दिसंबर, साल 2012 में राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप मामले में दोषियों की फांसी की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। हालांकि इस बीच एक दोषी विनय शर्मा की दो याचिकाएं राष्ट्रपति के पास लंबित हैं, वहीं दोषी अक्षय कुमार की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर को सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी।
कौन हैं फांसी के मुहाने पर खड़े निर्भया के चार दोषी, जानिए उनके बारे में सबकुछ
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पवन गुप्ता:-
घटना में शामिल पवन गुप्ता (22) पेशे से एक फल विक्रेता था। पवन अपने काम के साथ ग्रेजुएशन की तैयारी भी कर रहा था। पवन गुप्ता ने भी विनय शर्मा के साथ संगीत कार्यक्रम में होने की बात कही थी। बता दें कि पवन पिछले कुछ दिनों तक मंडोली जेल में था और सात दिसंबर को उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया है। दरअसल मंडोली जेल में फांसी की व्यवस्था नहीं है इसलिए उसे तिहाड़ में शिफ्ट किया गया है और सूत्रों के हवाले से पुख्ता जानकारी है कि निर्भया के चारों दोषियों को एक साथ ही तिहाड़ में फांसी लगाई जाएगी।
मुकेश सिंह:-
बस की सफाई का काम करने वाला मुकेश (29) भी इस बर्बरता का मुख्य आरोपी है। उसने गैंगरेप के बाद निर्भया पर लोहे की रॉड से हमला किया था। ये राम सिंह का छोटा भाई था। मुकेश ड्राइविंग और क्लीनर का काम करता था। मुकेश दक्षिणी दिल्ली के रविदास झुग्गी कैंप में राम सिंह के साथ ही रहता था।
अक्षय कुमार सिंह:-
बिहार का रहने वाला अक्षय अपनी पढ़ाई छोड़कर दिल्ली भाग आया था। अक्षय जेल में रहने के दौरान खबरों में आया था। उसके मुताबिक जेल में उसकी जान को खतरा है और इसलिए उसने सुरक्षा की मांग उठाई थी। अक्षय घटना के 5 दिन बाद उसके गांव (बिहार) से पकड़ा गया था।
विनय शर्मा:-
गैंगरेप के दौरान राम सिंह के अलावा विनय शर्मा (23) ने भी बस चलाई थी। ये पेशे से एक फिटनेस ट्रेनर था। यह तिहाड़ में ही यूनिवर्सिटी के एग्जाम की तैयारियां कर रहा था। चौंका देने वाली बात है कि विनय ने भी राम सिंह की तरह खुद को मारने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा। बता दें कि यह राम सिंह का पड़ोसी था।
उल्लेखनीय है कि इस केस में छह आरोपियों को धर-दबोचा गया था, जिनमें से एक की जेल में ही मौत हो गई थी। वहीं एक नाबालिग था, जिसे रिहा कर दिया गया। बता दें कि मुख्य दोषी राम सिंह को माना गया था, जोकि वारदात की रात बस चला रहा था। उसने जेल के अंदर ही खुद को फांसी लगा ली थी।