मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने हत्यारोपी मेजर निखिल हांडा के साथ मेरठ में तीन घंटे तक साक्ष्य जुटाए। जिसमें ये खुलासा हुआ है कि हत्या करने से पहले ही आरोपी मेजर ने सभी सबूत मिटाने की पूरी तैयारी कर ली थी। आगे पढ़िए उसने कहां से सीखा सबूत मिटाने का तरीका और कैसे क्या-क्या किया...
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shailza murder
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि सिवाया टोल प्लाजा पर हुई पड़ताल में सामने आया कि मेजर हांडा ने करीब 27 मिनट में शैलजा से संबंधित सुबूत गायब या नष्ट कर दिए। इनमें शैलजा के कपड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू होना बताया गया। सवाल उठता था कि आखिर इतनी सफाई से हांडा से ये सब किया कैसे। इसका जवाब हांडा ने पूछताछ के दौरान दिया।
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हांडा पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने हत्या से पहले ही गूगल पर काफी सर्च किया था कि हत्या के सबूत कैसे मिटाए जाएंगे। उसी से सीखकर ही हांडा ने मात्र 27 मिनट में हत्या के सारे सबूत मिटा दिए। अब पुलिस अपनी जांच में यही बात लाने के लिए सबूत जुटा रही है जिससे यह साफ हो जाए कि मेजर ने अचानक गुस्से में आकर नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ हत्या को अंजाम दिया था।
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पुलिस ने मेजर निखिल हांडा के लैपटॉप से गूगल सर्च की पूरी डिटेल भी बरामद कर ली है। पुलिस का कहना है कि यह अदालत में एक अहम सबूत रूप में पेश किया जा सकता है। पहले तो मेजर ने इसे दुर्घटना का रंग देने की कोशिश की लेकिन जब उसे लगने लगा कि वह पकड़ा जाएगा तो उसने जैसे गूगल पर देखा था वैसे ही सबूत मिटाने चाहे।
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अधिकारियों का दावा है कि वारदात में इस्तेमाल चाकू और हत्या वाले दिन पहने मेजर निखिल के जले हुए कपड़े मेरठ से आगे दौराला के पास से बरामद हो गए हैं। पुलिस मान रही है कि इसी स्विस नाइफ से शैलजा को मौत के घाट उतारा गया। निखिल ने चाकू जमीन के नीचे गड्ढा खोदकर रखा था। वहीं कपड़ों को जला दिया था।