नैंसी की हत्या उसी की पिस्टल से की गई थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी साहिल ने खुलासा किया है कि नैंसी के किसी दोस्त ने उसे अवैध पिस्टल तोहफे में दी थी। नैंसी की हत्या में साहिल ने उसी पिस्टल का इस्तेमाल किया।
दिल्लीः नैंसी हत्याकांड में हुआ अब तक सबसे बड़ा खुलासा, तोहफे में मिली पिस्टल बनी 'काल'
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नैंसी की हत्या करने के बाद साहिल पुलिस को गुमराह करता रहा। 23 नवंबर को आरोपी ने मियांवाली नगर थाने में नैंसी के गायब होने की शिकायत देकर बताया था कि नैंसी कार से उतरकर कहीं चली गई थी। लेकिन अगले दिन नैंसी के पिता ने जब शिकायत कर साहिल पर ही शक जताया तो पुलिस ने हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठाकर नैंसी की लाश गांव ददलाना, पानीपत से बरामद कर ली। पुलिस आरोपी साहिल से पूछताछ कर वारदात में इस्तेमाल पिस्टल व क्रूज कार को बरामद करने का प्रयास कर रही है।
पश्चिम जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दो-ढाई साल पहले नैंसी और साहिल की मुलाकात रोहिणी में एक बर्थडे पार्टी में हुई थी। उस समय नैंसी ईवेंट मैनेजमेंट का काम करता था। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली। नैंसी ने अपने परिवार को छोड़कर साहिल के साथ लिवइन रिलेशन में रहना शुरू कर दिया। 27 मार्च 2019 को परिवार वालों के दबाव के बाद दोनों ने शादी कर ली। शादी होते ही दोनों के बीच तनाव शुरू हो गया। बात यहां तक आ गई कि नैंसी साहिल को छोड़कर कई-कई दिन अलग रहने लगी। साहिल नैंसी पर शक करता था। इसके अलावा नैंसी को बहुत ज्यादा खर्चा करने की आदत थी। इसी बात से परेशान होकर साहिल ने नैंसी की हत्या की योजना बनाई। नैंसी के पास एक अवैध पिस्टल थी, जिसे उसके किसी दोस्त ने तोहफे में दिया था। आरोपी ने चुपचाप उसी पिस्टल को अपने कब्जे में ले लिया। 11 नवंबर को घुमाने की बात कर वह अपने कर्मचारी शुभम के साथ नैंसी को शेवरले क्रूज कार से पानीपत ले गया।
वहां हाइवे पर कहासुनी के बाद नैंसी के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। बाद में कर्मचारी शुभम और रिश्तेदार बादल की मदद से शव को ठिकाने लगाकर आरोपी वापस दिल्ली आ गया। पिस्टल को भी आरोपियों ने हरियाणा में ठिकाने लगा दिया। इधर नैंसी के परिवार ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका फोन बंद आने लगा।
पुलिस को गुमराह करने के लिए साहिल ने खुद 23 नवंबर को उसकी गुमशुदगी मियांवाली नगर थाने में की। 24 नवंबर को जब नैंसी के पिता संजय शर्मा ने बेटे के गायब होने की शिकायत दी तो फौरन एसएचओ जनकपुरी जयप्रकाश, एएसआई बिजेंद्र, सिपाही संदीप व करण की टीम बनाकर मामले की छानबीन शुरू की। सीडीआर से सारा केस खुल गया। आरोपी को दबोचकर उनकी निशानदेही पर नैंसी का शव पानीपत से सड़ी-गली हालत में बरामद कर लिया गया। पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल कार व पिस्टल बरामद करने का प्रयास कर रही है।