नेशनल हाईवे-24 पर बारातियों से भरी एक टाटा सूमो शुक्रवार देर रात करीब 20 फीट गहरे नाले में जा गिरी। इस हादसे में दो मासूम व दूल्हे के पिता समेत छह लोगों की मौत हो गई। आठ से अधिक लोग घायल हुए हैं। हादसा कार में सवार एक बच्चे द्वारा हैंड ब्रेक खोलने की वजह से हुआ। उधर, घटना के बाद विजय नगर थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर बहरामपुर में शादी का जश्न मातम में बदल गया।
बरेली से लेकर उत्तराखंड तक पसरा मातम जब एक-एक कर गली में आते रहे बारातियों के शव
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बरेली से लेकर उत्तराखंड तक मातम
मृतकों का नाता बरेली के धौराटांडा कस्बे से है। बताया जा रहा है कि दूल्हे रवि के पिता ओमप्रकाश मूलरूप से धौरा टांडा में दर्जी का काम करते थे। काम में मंदी आई तो एनसीआर के गांव में चले आए। उनका बाकी परिवार अभी भी धौरा टांडा में ही बसा है। रवि की शादी में ओमप्रकाश के परिवार और खानदान के अन्य लोग आए हुए थे।
शादी समारोह में शामिल होने के लिए रुद्रपुर (उत्तराखंड) निवासी उनके कुछ रिश्तेदार भी आए हुए थे। बताया जा रहा है कि छह मृतकों में रुद्रपुर के रिश्तेदारों के अलावा धौरा टांडा निवासी उनके परिवार के लोग भी शामिल हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिवार वालों को जैसे ही सूचना मिली वहां से अन्य परिजन गाजियाबाद के लिए चल दिए।
नियम ताक पर रखकर गाड़ी में बैठाए गए बाराती
टाटा सूमो ड्राइवर समेत सात सवारी पर पास है, लेकिन ड्राइवर ने नियमों को ताक पर रखकर उसमें 12 लोग बैठ गए। ड्राइवर के पास टैक्सी परमिट भी नहीं था। बिना टैक्सी परमिट के बारातियों को किराए पर कार ले जाना अपराध है। उधर, हादसे के बाद पुलिस यह पता लगा रही है कि गाड़ी संचालक के पास टैक्सी परमिट था या नहीं। अगर बिना परमिट के टैक्सी पाई जाती है तो संबंधित ड्राइवर और मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद एनएच-24 पर लगा हुजूम, दो घंटे जाम
एनएच-24 पर अकबरपुर बहररामपुर कट के पास हुए हादसे के बाद लोगों का हुजूम लग गया। कुछ लोग तत्काल मदद के लिए दौड़े तो कुछ लोग गाड़ियां रोककर हादसे के बारे में पता करने लगे। ऐसी स्थिति में कुछ ही पलों में एनएच-24 पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगने लगीं। देखते ही देखते हादसे के बाद एनएच पर जाम लग गया।