हाईवे-91 स्थित देहात थाने के पास शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में मामा-भांजी की मौत के बाद लोग भड़क गए। उन्होंने हाईवे से गुजर वाहनों में जमकर तोडफ़ोड़ की और पथराव किया। ग्रामीण डीएम-एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। पुलिस के काफी समझाने के बाद भी ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। जाम न खोलने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज से उखड़े ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दौड़ा लिया। हालांकि पुलिस ने बाद में सख्ताई दिखाते हुए भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। तब जाकर जाम खुल सका। हालांकि शाम करीब साढ़े छह बजे डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब सात बजे जाम खुल गया।
मामा-भांजी की दर्दनाक मौत के बाद सड़क पर ही पड़ी रही लाश, पुलिस और लोगों के बीच मचा घमासान
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खुर्जा क्षेत्र में शुक्रवार हुए हादसे और बवाल के बाद किए रूट डायवर्जन के चलते चोला चौराहे पर तीन घंटे से अधिक समय तक जाम की स्थिति बनी रही। खुर्जा-सिकंदराबाद मार्ग पर वाहनों की लाइन लगी रही। पुलिस को जाम खुलवाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बवाल के बाद पुलिस ने खुर्जा से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को सिकंदराबाद की ओर निकालना शुरू करवा दिया। इसके चलते इस मार्ग पर वाहनों की लाइन लग गई और जैसे ही वाहन चोला चौराहे के नजदीक पहुंचे तो लाइन लगने से चौराहे से ककोड़ और बुलंदशहर की आने-जाने वाले वाहनों की भी लाइन लग गई। जिसके चलते चोला चौराहे पर जाम लगना शुरू हो गया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस चौराहे पर पहुंच गई। मगर, जाम से राहत नहीं मिली। चौराहे के चारों और खासकर खुर्जा-सिकंदराबाद मार्ग पर वहनों की लंबी लाइन लग गई। जिसके चलते जाम में वाहन फंस गए और उनमें बैठे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब तीन घंटे के बाद पुलिस को जाम खुलवाने में सफलता मिली। मगर शाम तक चौराहे पर जाम की स्थिति बनी रही।
डीएम ने किया मदद का एलान
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि पीडि़त परिवार को पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन से भी पीडि़त परिवार के लिए मदद मांंगेंगे। हम खुद के प्रयास से भी पीडि़त परिवार की मदद करेंगे।
गुस्साई भीड़ ने फसलों में लगाई आग
पुलिस के लाठीचार्ज से गुस्साई भीड़ ने भी हाईवे-91 के समीप स्थित फसलों में आग लगा दी। प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह था कि मौके पर आग बुझाने के लिए कोई दमकल वाहन मौजूद नहीं था। आग स्वंय बुझ गई, वर्ना बड़ा नुकसान हो सकता था। इसके अलावा सड़कों पर पड़ी बाइकों को भी आग लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ सफल नहीं हो सकी।
हाईवे पर चार घंटे तक बंधक रहे यात्री
हाईवे-91 पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद मौके से गुजर रहे वाहनों पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। भीड़ से डरे यात्रियों ने सामान छोड़कर अपनी जान बचाते हुए खेतों की तरफ दौड़ लगा दी। पुलिस के मौके पर आने से पूर्व यात्री खेतों में छुपे बैठे रहे। यहीं नहीं भीड़ के आगे कुछ ही पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसलिए यात्रियों को जानोमाल के नुकसान की आशंका थी। चार घ्ंाटे बाद सभी थानों की फोर्स, डीएम-एसएसपी के आने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। फोर्स के नहीं आने तक यात्री भूखे-प्यासे खेतों में दुबके रहे।
हाईवे-91 पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद जब ग्रामीण घंटों तक शव सड़कों पर जाम लगाते हुए डीएम-एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों के मौके पर नहीं आने से ग्रामीण भड़क गए। जाम लगाने के दौरान मौजूद पुलिस अफसरों के काफी समझाने के बाद ग्रामीण जाम खोलने को राजी नहीं हुए। आखिर में पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए सड़क पर रखे शवों को किसी प्रकार उठाते हुए पीएम को भेजा। तब जाम खुला।