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Delhi NCR News: जीटीबी अस्पताल में निकला 26 हजार किलो से ज्यादा बायो-मेडिकल कचरा
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-278 जगहों से हुआ कचरा एकत्र, पीली श्रेणी का वेस्ट सबसे ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिलशाद गार्डन स्थित गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में जुलाई 2026 के दौरान 26 हजार 127.74 किलोग्राम बायो-मेडिकल कचरा निकला। अस्पताल प्रशासन की ओर से तैयार मासिक रिपोर्ट दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को भेजी गई है। प्रशासन के अनुसार, अस्पताल परिसर में 278 ऐसे स्थान हैं, जहां मरीजों के इलाज के दौरान निकलने वाला बायो-मेडिकल कचरा एकत्र किया जाता है। जुलाई में अस्पताल से चार श्रेणियों में बायो-मेडिकल कचरा निकला। इसमें सबसे ज्यादा पीली श्रेणी का 12,829.250 किलोग्राम कचरा था। इस श्रेणी में मानव अंग, खून से सनी पट्टियां और दवाइयों से जुड़ा कचरा शामिल होता है।
इसके बाद लाल श्रेणी का 11,038.970 किलोग्राम कचरा निकला। इसमें इस्तेमाल की गई सिरिंज, ग्लव्स और ट्यूब जैसी चीजें शामिल होती हैं। वहीं, नीली श्रेणी में 1,982.40 किलोग्राम और सफेद श्रेणी में 277.120 किलोग्राम कचरा दर्ज किया गया। सफेद श्रेणी में सुई, ब्लेड जैसी नुकीली वस्तुएं आती हैं। इस तरह चारों श्रेणियों को मिलाकर जुलाई में अस्पताल से कुल 26,127.74 किलोग्राम बायो-मेडिकल कचरा निकला। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बायो-मेडिकल कचरे के संग्रह और निस्तारण के लिए सीबीडब्ल्यूटीएफ ऑपरेटर एम/एस एसएमएस वाटर ग्रेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया गया है। अस्पताल का कहना है कि इसी अधिकृत एजेंसी के माध्यम से कचरे का निस्तारण कराया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिलशाद गार्डन स्थित गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में जुलाई 2026 के दौरान 26 हजार 127.74 किलोग्राम बायो-मेडिकल कचरा निकला। अस्पताल प्रशासन की ओर से तैयार मासिक रिपोर्ट दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को भेजी गई है। प्रशासन के अनुसार, अस्पताल परिसर में 278 ऐसे स्थान हैं, जहां मरीजों के इलाज के दौरान निकलने वाला बायो-मेडिकल कचरा एकत्र किया जाता है। जुलाई में अस्पताल से चार श्रेणियों में बायो-मेडिकल कचरा निकला। इसमें सबसे ज्यादा पीली श्रेणी का 12,829.250 किलोग्राम कचरा था। इस श्रेणी में मानव अंग, खून से सनी पट्टियां और दवाइयों से जुड़ा कचरा शामिल होता है।
इसके बाद लाल श्रेणी का 11,038.970 किलोग्राम कचरा निकला। इसमें इस्तेमाल की गई सिरिंज, ग्लव्स और ट्यूब जैसी चीजें शामिल होती हैं। वहीं, नीली श्रेणी में 1,982.40 किलोग्राम और सफेद श्रेणी में 277.120 किलोग्राम कचरा दर्ज किया गया। सफेद श्रेणी में सुई, ब्लेड जैसी नुकीली वस्तुएं आती हैं। इस तरह चारों श्रेणियों को मिलाकर जुलाई में अस्पताल से कुल 26,127.74 किलोग्राम बायो-मेडिकल कचरा निकला। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बायो-मेडिकल कचरे के संग्रह और निस्तारण के लिए सीबीडब्ल्यूटीएफ ऑपरेटर एम/एस एसएमएस वाटर ग्रेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया गया है। अस्पताल का कहना है कि इसी अधिकृत एजेंसी के माध्यम से कचरे का निस्तारण कराया जा रहा है।
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