दीवानों की तरह की मोहब्बत फिर दर्दनाक हत्या, ये है सुहैब के लवर बॉय से कातिल बनने की पूरी कहानी
दो दशक पहले टीवी पर अपने नए अंदाज के साथ क्राइम बेस्ड शो इंडियाज मोस्ट वांटेड लेकर आने वाला तेजतर्रार युवा देखते-देखते देशभर में लोकप्रिय हो गया। इसने निजी जिंदगी में भी इस युवा ने परंपराओं से हटकर अपने प्यार को पाने के लिए घरवालों की मर्जी के खिलाफ एक हिंदू लड़की से ब्याह रचाया।
सुहैब इलियासी और अंजू की मुलाकात 1989 में हुई
लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसी प्रेमिका की एक दिन अचानक उसने बेहद निर्ममता से हत्या कर दी और जो कहानी रची उसने दुनिया को चौंका दिया।
लंदन में 1993 में दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की
असल में सुहैब इलियासी ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की है जबकि कोर्ट ने सुहैब को अपनी पत्नी अंजू की हत्या का दोषी करार दिया है। सुहैब ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पढ़ने वाली अंजू से घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी की थी क्योंकि दोनों का धर्म अलग था।
इंडियाज मोस्ट वांटेड की शुरुआत की
सुहैब इलियासी और अंजू की मुलाकात 1989 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई थी। ये दोनों ही यहां मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई कर रहे थे। अंजू के पिता जामिया में मेटलर्जी विभाग के अध्यक्ष थे।
अंजू के जन्मदिन के छह दिन पहले इस घर में जख्मी हालत में मिली
दोनों के बीच प्रेम तो पनपने लगा लेकिन दोनों ही घरवाले इस प्रेम और शादी के खिलाफ थे। घरवालों की मर्जी के खिलाफ दोनों ने शादी करने का फैसला किया और लंदन चले गए। लंदन में 1993 में दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी कर ली। अंजू और सुहैब अक्टूबर 1994 तक लंदन में ही रहे। जब दोनों भारत वापस आए तो अंजू ने सुहैब के साथ रहने से इनकार कर दिया और वापस लंदन अपने भाई के पास जाकर रहने लगी।
सूत्रों की मानें तो अंजू सुहैब से तलाक लेना चाहती थी लेकिन सुहैब ने इसका विरोध किया। आखिर दोनों में सुलह हो गई और 1994 में ही सुहैब लंदन गए और दोनों वापस भारत आ गए। 1995 में अंजू ने एक बेटी का जन्म दिया।
इसी दौरान सुहैब ने इंडियाज मोस्ट वांटेड की शुरुआत की जो 1998 में ऑन एयर हुआ। इसी दौरान दोनों में फिर से मतभेद बढ़ गए और अंजू कनाडा स्थित अपनी बहन के पास रहने चली गईं। हालांकि सुहैब फिर से अपनी पत्नी को मनाने कनाडा गए और अंजू 1999 में वापस दिल्ली आ गईं।
अंजू ने दिल्ली के मयूर विहार में डेढ़ करोड़ का फ्लैट खरीदा जिसे दस महीने तक सजाया-संवारा गया। दिसंबर 1999 में दोनों इस घर में शिफ्ट हो गए। यहीं पर दोनों ने प्लान किया कि 16 जनवारी को अंजू का बर्थडे मनाया जाएगा और बड़ी पार्टी दी जाएगी।अंजू के जन्मदिन के छह दिन पहले इस घर में जख्मी हालत में उन्हें पाया गया।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। सुहैब ने पुलिस को बताया कि दोनों में कहासुनी के बाद अंजू ने खुद पर चाकू से हमला कर आत्महत्या करने की कोशिश की थी।
अंजू को घरवालों ने इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत और मामला कोर्ट में गया। 17 साल की अदालती लड़ाई के बाद आखिर कोर्ट ने मान लिया कि अंजू की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि, हत्या थी।