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Delhi NCR News: राख से फिर खड़ा हुआ शास्त्री पार्क का फर्नीचर बाजार
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- 22 मई की भीषण आग में 300 से ज्यादा दुकानें हुई थीं खाक, कारोबारियों ने आपसी सहयोग से दोबारा बसाया बाजार, देशभर से मिल रहे थोक ऑर्डर
प्रथम चौहान
पूर्वी दिल्ली। 22 मई की देर रात लगी भीषण आग में तबाह हुआ पूर्वी दिल्ली का प्रसिद्ध शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट एक बार फिर अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ चुका है। आग की चपेट में 300 से ज्यादा दुकानें आने से कारोबारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद व्यापारियों ने हिम्मत नहीं हारी और आपसी सहयोग तथा अपनी मेहनत के दम पर कुछ ही समय में बाजार को दोबारा खड़ा कर दिया। अब यहां फिर से ग्राहकों और कारोबारियों की चहल-पहल नजर आने लगी है।
शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट दिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई हिस्सों में फर्नीचर की आपूर्ति करने वाला प्रमुख थोक बाजार है। व्यापारियों के अनुसार, पूरी मार्केट का सामूहिक सालाना कारोबार करीब 50 से 100 करोड़ रुपये के बीच है। देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से व्यापारी यहां थोक भाव में फर्नीचर खरीदकर अपने स्थानीय बाजारों में बिक्री करते हैं।
कारखाने से सीधे ग्राहक तक, कीमत में बड़ा अंतर
मार्केट की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाला किफायती फर्नीचर है। कीर्ति नगर और जेल रोड जैसे पारंपरिक बाजारों की तुलना में शास्त्री पार्क में कई सामान कम कीमत पर उपलब्ध हैं। अधिकांश दुकानदारों के अपने कारखाने होने के कारण बिचौलियों की भूमिका कम हो जाती है। व्यापारियों का दावा है कि बड़े मॉल और शोरूम में जिस फर्नीचर की कीमत अधिक होती है, वही सामान यहां 50 प्रतिशत तक कम दाम में मिल जाता है।
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फर्नीचर मार्केट एसोसिएशन के सदस्य हंसराज ने बताया कि आग से भारी नुकसान हुआ, लेकिन व्यापारियों ने मिलकर दोबारा कारोबार शुरू किया। दुकानदार फैज के मुताबिक संकट के समय कारोबारियों ने एक-दूसरे का साथ दिया। व्यापारी अकील ने बताया कि दुकानों के पुनर्निर्माण में भी बड़ी रकम खर्च हुई है, लेकिन देशभर से मिल रहे ऑर्डरों ने कारोबारियों की उम्मीदें जगा दी हैं। उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में आग से हुआ नुकसान भी पूरा हो जाएगा।
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प्रथम चौहान
पूर्वी दिल्ली। 22 मई की देर रात लगी भीषण आग में तबाह हुआ पूर्वी दिल्ली का प्रसिद्ध शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट एक बार फिर अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ चुका है। आग की चपेट में 300 से ज्यादा दुकानें आने से कारोबारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद व्यापारियों ने हिम्मत नहीं हारी और आपसी सहयोग तथा अपनी मेहनत के दम पर कुछ ही समय में बाजार को दोबारा खड़ा कर दिया। अब यहां फिर से ग्राहकों और कारोबारियों की चहल-पहल नजर आने लगी है।
शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट दिल्ली-एनसीआर के साथ देश के कई हिस्सों में फर्नीचर की आपूर्ति करने वाला प्रमुख थोक बाजार है। व्यापारियों के अनुसार, पूरी मार्केट का सामूहिक सालाना कारोबार करीब 50 से 100 करोड़ रुपये के बीच है। देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से व्यापारी यहां थोक भाव में फर्नीचर खरीदकर अपने स्थानीय बाजारों में बिक्री करते हैं।
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कारखाने से सीधे ग्राहक तक, कीमत में बड़ा अंतर
मार्केट की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाला किफायती फर्नीचर है। कीर्ति नगर और जेल रोड जैसे पारंपरिक बाजारों की तुलना में शास्त्री पार्क में कई सामान कम कीमत पर उपलब्ध हैं। अधिकांश दुकानदारों के अपने कारखाने होने के कारण बिचौलियों की भूमिका कम हो जाती है। व्यापारियों का दावा है कि बड़े मॉल और शोरूम में जिस फर्नीचर की कीमत अधिक होती है, वही सामान यहां 50 प्रतिशत तक कम दाम में मिल जाता है।
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फर्नीचर मार्केट एसोसिएशन के सदस्य हंसराज ने बताया कि आग से भारी नुकसान हुआ, लेकिन व्यापारियों ने मिलकर दोबारा कारोबार शुरू किया। दुकानदार फैज के मुताबिक संकट के समय कारोबारियों ने एक-दूसरे का साथ दिया। व्यापारी अकील ने बताया कि दुकानों के पुनर्निर्माण में भी बड़ी रकम खर्च हुई है, लेकिन देशभर से मिल रहे ऑर्डरों ने कारोबारियों की उम्मीदें जगा दी हैं। उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में आग से हुआ नुकसान भी पूरा हो जाएगा।