फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ये पांच कारण बताते हैं कि दिल्ली में पहले से तय है आप-कांग्रेस का गठबंधन

Wed, 03 Apr 2019 06:33 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 03 Apr 2019 06:33 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019 these are five reasons which says aap congress alliance is set to be done
- फोटो : पीटीआई

दिल्ली में आप-कांग्रेस गठबंधन का औपचारिक एलान भले ही न हुआ हो, लेकिन राहुल गांधी की मुहर लग जाने के बाद ऊहापोह की स्थिति पर विराम लग गया है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के घर पर मंगलवार को शीला दीक्षित और पीसी चाको पहुंचे थे जहां तीनों के बीच आप से गठबंधन के मुद्दे पर बात हुई। इसी बैठक में राहुल गांधी ने आप से गठबंधन की बात लगभग तय कर दी है, हालांकि इसका एलान कब होगा यह पता नहीं चल पा रहा है। आपको बता दें कि यह गठबंधन पहले से ही होना तय था और इसके पीछे पांच वजहें भी हैं। आगे विस्तार से पढ़ें वो पांच कारण...

Lok Sabha Elections 2019 these are five reasons which says aap congress alliance is set to be done
- फोटो : अमर उजाला

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित व चाको को बुलाया व उनका पक्ष सुना। इस दौरान शीला दीक्षित ने गठबंधन पर अपनी आपत्ति जताई, जबकि चाको ने कहा कि गठबंधन पार्टी के हित में है और ऐसा हुआ तो सातों सीटें जीती जा सकती हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि कांग्रेस को कहीं न कहीं ये लगता है कि आप के साथ आना उसके लिए फायदेमंद होगा।

Lok Sabha Elections 2019 these are five reasons which says aap congress alliance is set to be done
- फोटो : अमर उजाला

बता दें कि चाको ने यह भी कहा कि गठबंधन में देरी करने से गलत संदेश जा रहा है और यह भी चर्चा हो रही है कि कांग्रेस दिल्ली में भाजपा को जिताने के लिए कोई फैसला नहीं ले रही है। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से पूछा कि गठबंधन नहीं किया जाए तो कांग्रेस अपने स्तर पर कितनी सीट जीत सकती है और कितनी पर टक्कर रहेगी। इस सवाल पर शीला ने चुप्पी साध ली और कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया कि अपने स्तर पर कितनी सीटें जीतेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019 these are five reasons which says aap congress alliance is set to be done
- फोटो : अमर उजाला
अगर 2014 के लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो आंकड़े बताते हैं कि आप-कांग्रेस दोनों का वोट प्रतिशत मिलाकर भाजपा से ज्यादा था। यानी उस चुनाव में भी अगर दोनों पार्टियां साथ लड़तीं तो शायद 2014 में भी भाजपा के लिए सातों सीटें जीतना आसान नहीं होता।
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019 these are five reasons which says aap congress alliance is set to be done
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में आप और कांग्रेस का वोट बैंक एक ही है, ऐसे में अगर दोनों पार्टियां अलग-अलग लड़ती हैं तो इसका फायदा सिर्फ बीजेपी को ही मिलेगा। जैसा कि लोकसभा चुनाव के बाद हुए उप चुनावों में नतीजा दिखा था भाजपा की जीत हुई थी। यही वजह है कि दोनों पार्टियां भाजपा को हराने के लिए साथ आएंगी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed