मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बिसाहड़ा में जनसभा इस लोकसभा की सबसे कमजोर कड़ी को साधने के लिए रखी गई थी। इस जनसभा से एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की गई। एक तो यहां के ठाकुर बिरादरी में भाजपा प्रत्याशी के प्रति नाराजगी थी। यह नाराजगी कहीं कांग्रेस प्रत्याशी के वोट में न तब्दील हो जाए, यह भांपते हुए सीएम की जनसभा रखी गई।
जिले के ठाकुर व गुर्जर बिरादरी की भाजपा प्रत्याशी से नाराजगी कई मंचों पर जाहिर हो चुकी है। पिछले लोकसभा चुनाव में यह वोट भाजपा प्रत्याशी की झोली में गिरे थे, लेकिन उनकी अपेक्षाओं पर खरा न उतरने के कारण नाराजगी है। अंदरूनी गुटबाजी भी काफी हावी हो गई है। कई ठाकुर नेता भी दूरी बनाकर चल रहे थे।
3 of 5
सीएम योगी की रैली
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी तरफ कांग्रेस ने ठाकुर प्रत्याशी डॉ. अरविंद सिंह को मैदान में उतारा है। इससे भाजपा प्रत्याशी को डर था कि कहीं ये वोट खिसक न जाए। इसे देखते हुए साठा चौरासी (ठाकुर बाहुल्य 60 गांव) के सबसे अहम गांव बिसाहड़ा में योगी आदित्यनाथ की जनसभा रखी गई। योगी ने इसकी भरपाई भी कर दी। अपने भाषण की शुरुआत ही बिसाहड़ा से की। उन्होंने कहा कि बिसाहड़ा के निवासियों की भावनाओं से पूरा देश परिचित है। कौन नहीं जानता कि बिसाहड़ा में क्या हुआ।
4 of 5
सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
बिसाहड़ा कांड के दौरान एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सपा सरकार को इस जनसभा से भी घेरा। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार बिसाहड़ा वासियों के साथ है। अपने भाषण के समापन पर भी योगी ने कहा कि बिसाहड़ा की गूंज लोकसभा चुनाव के पहले चरण के सभी आठ सीटों तक सुनाई देनी चाहिए। इस लोकसभा की कमजोर कड़ी को मजबूत बनाने के लिए जल्द ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी ककौड़ में जनसभा करने वाले हैं।
भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता ठाकुर जयवीर सिंह भी राजनाथ सिंह के साथ मंच साझा करते दिख सकते हैं। ठाकुर बिरादरी का वोट कांग्रेस प्रत्याशी की तरफ न खिसके, इसके लिए उनके पिता ठाकुर जयवीर सिंह को भी राजनाथ सिंह के साथ मंच साझा कराने की तैयारी है। गुर्जरों की नाराजगी दूर करने के लिए वेदराम भाटी को पहले ही भाजपा में शामिल किया जा चुका है।