बीते कई महीनों से आप-कांग्रेस गठबंधन की चर्चाओं के बीच आज एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राहुल गांधी ने मना कर दिया है अब दोनों पार्टियों का गठबंधन नहीं हो सकता। इस बीच ये कयास भी लगाए जाते रहे हैं कि आखिर कौन सी वजह है जिससे दोनों दलों का गठबंधन नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं लेकिन सोमवार को आप विधायक अलका लांबा ने एक ट्वीट कर गठबंधन न हो पाने की वजह साफ कर दी। आगे पढ़िए क्या है वह वजह...
आप-कांग्रेस में क्यों नहीं हो पा रहा गठबंधन, अलका लांबा ने खोला राज, बीजेपी पर भी कसा तंज
अलका लांबा ने अपने ट्वीट में जहां गठबंधन न हो पाने का कारण बताया है वहीं भाजपा पर भी तंज कसा है। अलका लांबा ने लिखा कि आप कांग्रेस को सिर्फ दो सीटें देना चाहती है और कांग्रेस तीन सीटें चाहती है। यही वजह है कि दोनों पार्टियों का गठबंधन नहीं हो पा रहा है। अलका ने ये भी लिखा कि आप और कांग्रेस की इसी खींचतान की वजह से बेचारी भाजपा अपने उम्मीदवार नहीं घोषित कर पा रही। अलका लांबा ने ट्वीट किया, 'आप दो से अधिक देना नहीं चाहती, कांग्रेस तीन से कम पर कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं। भाजपा बेचारी इंतजार में सूखे जा रही है, चाह कर भी उम्मीदवार घोषित नही कर पा रही।
आप 2 से अधिक देना नही चाहती,
काँग्रेस 3 से कम पर कोई समझौता करने के लिये तैयार नही।
BJP बेचारी इंतज़ार में सूखे जा रही है,
चाह कर भी उम्मीदवार घोषित नही कर पा रही।#Delhi #12मई2019 #loksabhaelections2019 https://t.co/oBJP5OTsf5
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी को पूर्वी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली में उतारे गए अपने उम्मीदवारों पर पूरा भरोसा है और यहीं पार्टी का वोटबैंक मानी जाने वाली जनसंख्या बड़ी तादाद में रहती है। ऐसे में आम आदमी पार्टी इन तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है। वह इन तीन सीटों से कोई समझौता नहीं करना चाहती।
बात अगर कांग्रेस की करें तो उसका वोटर भी इन तीन क्षेत्रों (पूर्वी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली) में ही है। यानी कांग्रेस और आप दोनों के वोटर एक जैसे ही हैं ऐसे में दोनों पार्टियां इन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है। यही कारण है कि दोनों पार्टियों में से कोई भी झुकने को तैयार नहीं है।
आम आदमी पार्टी ने तो पहले ही अपने सबसे मजबूत दावेदारों पूर्वी दिल्ली से आतिषी, उत्तर पूर्वी से दिलीप पांडेय और दक्षिणी दिल्ली से राघव चड्ढा को मैदान में उतारा है। ऐसे में पार्टी पीछे हटने को तैयार नहीं है और इसी के चक्कर में भाजपा भी अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कर रही।