पिक्चर अभी बाकी है... अब आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को दिया सोमवार तक का समय
गुरुवार को जहां आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की सारी संभावनाएं लगभग खत्म हो गई थीं, वहीं शुक्रवार दिन में कुछ ऐसा हुआ जिससे लोग कहने लगे कि इनके गठबंधन की पिक्चर अभी बाकी है।
दरअसल शुक्रवार को आम आदमी पार्टी ने अपने तीन प्रत्याशियों की नामांकन प्रक्रिया को सोमवार तक के लिए टाल दिया है। बता दें कि आप ने आतिशी, पंकज गुप्ता और गुग्गन सिंह के नामांकन पत्र 20 अप्रैल की जगह अब सोमवार यानी 22 अप्रैल को दाखिल किए जाएंगे। इसके साथ ही इस संबंध में गोपाल राय का एक बयान भी आया है जिससे साफ होता है कि आप ने कांग्रेस के लिए अब भी दरवाजे खुले रखे हैं।
गोपाल राय ने कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुद्दे पर कहा है कि आज भी हमने उन्हें मौका दिया है। देश के लोग ये चाहते हैं। हमने कांग्रेस को इस पर सोचने का आखिरी मौका दिया है। देखते हैं क्या होता है। आप ने हरियाणा में कांग्रेस को गठबंधन के लिए 7,2,1 का फार्मूला दिया है।
गौरतलब है कि अभी तक आप के एक उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल किया है और तीन अन्य को शनिवार को नामांकन भरना था लेकिन अब सभी छह उम्मीदवार सोमवार को ही पर्चा दाखिल करेंगे। आप के पश्चिम दिल्ली के उम्मीदवार ने गुरुवार को पर्चा दाखिल किया था। तब तक आम आदमी पार्टी कांग्रेस को सोचने और गठबंधन को अमली जामा पहनाने का वक्त देना चाहती है।
कल तक था ये समीकरण
हरियाणा में कांग्रेस के साथ चुनावी पारी खेलने की आम आदमी पार्टी की हसरत धरी की धरी रह गई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने हाथ के साथ गठबंधन की गांठ जोड़ने के लिए खूब जोर लगाया पर दाल गल नहीं पाई। आप के गठबंधन के प्रस्ताव और सीटों के बंटवारे के फार्मूले को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तरजीह ही नहीं दी। इसमें हुड्डा को प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद का भी पूरा साथ मिला।
यही नहीं, प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर व एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी गठबंधन न करने पर अड़े रहे। जिससे आप का गठबंधन का प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया। हरियाणा में आप के साथ लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन कर चुकी जननायक जनता पार्टी पहले ही कांग्रेस के साथ जाने से साफ इनकार कर चुकी थी। जजपा नेता दुष्यंत के कांग्रेस से परहेज ने भी आप की राह कठिन की।
वीरवार को जजपा के अपने हिस्से की सात में से चार सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने से कांग्रेस और आप गठबंधन पर पूरी तरह विराम लग गया है। जजपा के साथ आप नेताओं ने भी साफ कर दिया है कि दोनों दल ही हरियाणा के चुनावी दंगल में मिलकर ताल ठोकने जा रहे हैं। आप के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा है कि वह खुले मन से गठबंधन का प्रस्ताव लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पास गए थे, लेकिन उन्होंने तवज्जो नहीं दी।
दुष्यंत चौटाला बोले- कांग्रेस के साथ गठबंधन का सवाल ही नहीं
कांग्रेस के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाह रही थी आप
हरियाणा के चुनावी दंगल में कांग्रेस का साथ आप इसलिए चाह रही थी कि लोकसभा चुनाव में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई जा सके। चूंकि, 2014 में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ चुकी आप को उम्मीद अनुरूप वोट नहीं मिले थे। कांग्रेस के साथ गठबंधन में आप एक सीट पर भी लड़ने को तैयार हो गई थी। इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी की लड़े अभी तक हरियाणा में धरातल पर उतनी मजबूत नहीं हैं।
जजपा के लिए मुश्किल हो जाती विधानसभा की राह
हरियाणा में जजपा किसी भी हाल में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करना चाहती। अगर ऐसा करती तो इनेलो के विघटन के बाद अस्तित्व में आई जजपा के पनपने से पहले ही उस पर ग्रहण लग जाता। इसलिए दुष्यंत चौटाला अड़े रहे कि कांग्रेस के साथ किसी भी स्थिति में हाथ नहीं मिलाएंगे।