भाजपा ने सोमवार को बस्ती-गोरखपुर जिले की तीन लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया है। भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किशन को गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया है। गोरखपुर संसदीय सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा से जुड़ी है, इसलिए प्रत्याशी के नाम के एलान में देरी हुई। अब अभिनेता रवि किशन को चुनाव मैदान में उतारकर पार्टी ने बड़ा दांव खेला है।
भाजपा से टिकट मिलने पर भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन ने खुशी जताई है। मोबाइल फोन पर बातचीत में रवि किशन ने गोरखपुर से अपना पुराना नाता भी जोड़ा और कहा कि उनके पूर्वज बड़हलगंज के मामखोर के रहने वाले हैं। बाद में पिता जौनपुर में बस गए। गोरखपुर में कई फिल्मों की शूटिंग की है। गुरु गोरक्षनाथ का दर्शन करके चुनाव प्रचार का आगाज करना है। पूर्वांचल और गोरखपुर से रिश्ता पुराना है। बहुत जानने वाले गोरखपुर में रहते हैं।
टिकट मिलने के बाद अमर उजाला संवाददाता ने रवि किशन से बात की। दक्षिण भारत में चुनाव प्रचार कर रहे रवि ने कहा कि भोजपुरी, हिंदी और दक्षिण भारत की 600 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। हर तबके में अच्छी पैठ है। गोरक्षनगरी से प्रत्याशी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देता हूं। लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात करके आशीर्वाद लूंगा। बुधवार को गोरखपुर आना है।
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ravi kishan
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर-बस्ती मंडल में लोकसभा की नौ सीटें हैं। अब भाजपा ने सभी सीटों के प्रत्याशी तय कर दिए हैं। संतकबीरनगर से प्रत्याशी चयन पर भाजपा की दुविधा ज्यादा थी। सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश सिंह बघेल के बीच मारपीट के बाद भितरघात की आशंका थी। अब भाजपा ने अति पिछड़ा उम्मीदवार उतारकर सारे समीकरण साधने की कोशिश की है। गोरखपुर संसदीय सीट संतकबीरनगर से जुड़ी है।
निषाद मतदाताओं की संख्या करीब दो लाख है। भाजपा को भरोसा है कि प्रवीण निषाद दमदारी से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, ब्राह्मण मतदाता नाराज न हों, इसका भी पार्टी ने ख्याल रखा है। सांसद शरद त्रिपाठी का टिकट तो काटा गया लेकिन उनके पिता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापतिराम त्रिपाठी को देवरिया से भाजपा प्रत्याशी बना दिया गया। देवरिया से सांसद कलराज मिश्र ने पहले ही चुनाव न लड़ने का एलान किया था।