यमुना के प्रदूषण को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कई साल यमुना को साफ करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस बार फिर से छठ महापर्व में व्रतियों को प्रदूषित यमुना के जल में अर्घ्य देना पड़ा। यमुना में बनने वाले झाग को खत्म करने के लिए रसायन डालने की बात की गई, लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात ही रहे।
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छठ पूजा मनाती महिलाएं
- फोटो : X/@LtGovDelhi
दिल्ली के उपराज्पाल वीके सक्सेना ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दीनानाथ भगवान भास्कर को अर्घ्य के साथ छठ महापर्व सोमवार को संपन्न हुआ। छठी मइया विदा हुईं यमुना मइया एक बार फिर कलुषित-प्रदूषित ही छूट गयीं। व्रती-श्रद्धालु एक बार फिर गाद-मलबे और सड़ांघ में पूजा अर्चना के लिए मजबूर हुए। नदी में जा कर अर्घ्य अर्पण वर्जित हो गया पर यमुना साफ नहीं हुई।
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यमुना किनारे छठ पूजा पर गंदगी
- फोटो : X/@LtGovDelhi
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कई बार सार्वजनिक घोषणा कर दावा किया कि यमुना को साफ कर देंगे। वह खुद यमुना में डुबकी लगाएंगे। लेकिन लंबा समय गुजरने के बाद भी यमुना की स्थिति जस की तस है। दिल्ली के उपराज्यपाल यमुना को साफ करने की दिशा में काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से काम किया रहा है। नजफगढ़ नाले की सफाई को लेकर अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई काम नहीं कर रही। जबकि चुनावी भाषण में हर बार सरकार यहीं दावा करती है कि यमुना को साफ कर देगी।
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प्रदूषित यमुना नदी
- फोटो : X/@LtGovDelhi
वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना दिल्ली में केवल दो फीसदी ही बहती है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रदूषित इसी क्षेत्र में होती है। यदि दिल्ली में होने वाले प्रदूषण को रोक दिया जाए तो यमुना पूरी तरह से साफ हो जाएगी। वजीराबाद से पहले यमुना का स्वरूप काफी बेहतर है। यदि कोशिश की जाए तो वजीराबाद के बाद भी यमुना की स्थिति को सुधारा जा सकता है।
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दिल्ली में बहती यमुना नदी में जहरीला झाग
- फोटो : एएनआई
उत्तम नगर, डाबड़ी, ककरौला, बदरपुर, सरिता विहार, आश्रम, जैतपुर, संगम विहार, देवली, महरौली, पालम, महावीर एंकलेव, इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन, नांगलोई, नजफगढ़, श्याम विहार, द्वारका, राणाजी एंक्लेव आदि इलाकों में बने घाटों पर जुटने शुरू हो गए थे, जबकि इन स्थानों पर पहले से ही श्रद्धालु भारी संख्या में उपस्थित थे।