फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दया याचिका खारिज होते ही डेथ सेल में शिफ्ट हो जाएंगे निर्भया के दोषी, जानें फांसी की प्रक्रिया

Wed, 11 Dec 2019 09:28 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Wed, 11 Dec 2019 09:28 PM IST
विज्ञापन
Know how Nirbhaya rapist will hang, Execution process
Nirbhaya - फोटो : Social Media

राष्ट्रपति के पास से निर्भया के दोषियों की दया याचिका खारिज होते ही उनकी फांसी की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। याचिका खारिज होते ही जेल नंबर-दो और चार में बंद दोषियों को जेल नंबर-तीन स्थित डेथ सेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जेल नंबर-तीन में 16 डेथ सेल हैं और इसी में फांसी घर भी है। इन डेथ सेल में दोषियों को अकेला रखा जाता है और 24 घंटे में एक बार बाहर निकाला जाता है।   

Know how Nirbhaya rapist will hang, Execution process
Nirbhaya - फोटो : अमर उजाला

दोषियों पर विशेष निगरानी

तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवान इन पर विशेष निगरानी रखेंगे, ताकि दोषी खुदकुशी का प्रयास न कर सकें। डेथ सेल में बंद दोषियों को नाड़ा वाला पायजामा तक पहनने की इजाजत नहीं होगी। निर्भया के सभी गुनाहगारों को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। दिल्ली में अब तक एक साथ पहली बार चार गुनाहगारों को फांसी पर लटकाया जाएगा। इससे पहले 1982 में रंगा बिल्ला को फांसी पर लटकाया गया था।  

Know how Nirbhaya rapist will hang, Execution process
ni

ब्लैक वारंट के लिए अदालत से गुहार

तिहाड़ जेल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दया याचिका खारिज होने के बाद जेल प्रशासन ब्लैक वारंट यानी मौत के पैगाम के लिए अदालत से गुहार लगाएगा। जेल प्रशासन के सुझाव और तैयारियों को देखकर अदालत फांसी की तारीख और वक्त मुकर्रर करेगी। इसके बाद जेल प्रशासन जल्लाद के इंतजाम में जुट जाएगी। देश में पिछले सालों में तीन फांसी कसाब, अफजल गुरू और याकूब मेमन को दी गई है। फांसी किसी पेशेवर जल्लाद ने नहीं, बल्कि जेल के कर्मचारी ने दी।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Know how Nirbhaya rapist will hang, Execution process

मंडोली जेल में फांसी देने का इंतजाम नहीं

याचिका खारिज होने से पहले ही जेल प्रशासन मंडोली जेल में बंद पवन को तिहाड़ जेल ला चुका है, क्योंकि मंडोली जेल में फांसी देने का इंतजाम नहीं है। फांसी से एक-दो दिन पहले दोषियों को डेथ सेल से दूसरे सेल में डाल दिया जाता है, ताकि वह सेल के करीब बने फांसी घर में चल रहे ट्रायल को नहीं देख सके।  

विज्ञापन
Know how Nirbhaya rapist will hang, Execution process
Tihar Jail - फोटो : AmarUjala

तिहाड़ में इससे पहले एक साथ चार दोषियों को फांसी नहीं मिली

तिहाड़ जेल में इससे पहले कभी भी एक साथ चार दोषियों को फांसी नहीं दी गई है। आखिरी बार 31 जनवरी 1982 में रंगा-बिल्ला को एक साथ फांसी दी गई थी। जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ प्रशासन एक साथ चार दोषियों को फांसी देने को लेकर तैयारी कर रहा है। इससे पहले पुणे के यड़बड़ा जेल में वर्ष 1983 में दस लोगों की हत्या के चार दोषियों को एक साथ फांसी दी गई थी।   

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed