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ढोल-नगाड़ों संग नाचते-गाते निकली थी इनकी अंतिम यात्रा, 'पानवाले' से ऐसे बने अरबपति

Tue, 14 Nov 2017 12:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नोएडा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 14 Nov 2017 12:45 PM IST
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know how hari bhai lalwani became billionaire gutkha king from a paan seller
hari bhai lalwani - फोटो : राजन राय/अमर उजाला

गुटखा किंग के नाम से मशहूर प्रसिद्ध उद्योगपति हरिभाई लालवानी की अंतिम यात्रा के दौरान देखने वाले उस वक्त हैरान रह गए जब उनकी बेटियों ने ढोल-नगाड़ों पर डांस करना शुरू किया। देखकर कोई नहीं कह सकता था कि यह किसी शख्स की अंतिम यात्रा जा रही है। जैसी दिलचस्प हरिभाई की अंतिम यात्रा रही वैसा ‌ही दिलचस्प उनका 'पानवाले' से 'अरबपति गुटखा किंग' बनने का सफर है।

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haribhai lalwani - फोटो : राजन राय

हरिभाई का जन्म साल 1952 में दिल्ली के दरियागंज में हुआ था। यहीं के मोतीमहल के सामने उनके पिता टिकमचंद लालवानी प्रिंस पान सेंटर नाम से दुकान चलाते थे। हरिभाई भी पिता की दुकान संभाला करते थे।

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haribhai lalwani - फोटो : राजन राय

कई साल तो उनके दुकान पर काम करते ही बीत गए। फिर उनके दिमाग में आइडिया आया कि क्यों न पैक्ड पान मसाला और गुटखा उत्पादों की कंपनी शुरू की जाए।

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haribhai lalwani - फोटो : राजन राय

तब उन्होंने प्रिंस गुटखा नाम से अपनी एक कंपनी खोल ली। देखते ही देखते उनका काम चल गया। और वह इतने कामयाब हुए कि साल 2002 में उनकी कंपनी का टर्नओवर 400 करोड़ के पार पहुंच गया। आज उनका व्यापार दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला है। देशभर में उनके 82 से भी ज्यादा स्टोर्स हैं।

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haribhai lalwani - फोटो : राजन राय

अब उनका बिजनेस उनकी बेटियां संभालती हैं। पिता की अंतिम यात्रा के दौरान बेटियों ने जमकर डांस किया। गुटखा किंग के नाम से मशहूर प्रसिद्ध उद्योगपति हरिभाई लालवानी की अंतिम यात्रा के दौरान यह दृश्य दिखा। इस दौरान ढोल और नगाड़ों की थाप पर लोग डांस करते दिखे। जश्न मनाने वालों में सबसे आगे हरिभाई की चारों बेटियां थीं। पिता को कंधा देते समय अच्छे-अच्छों के पैर डगमगा जाते हैं लेकिन चारों बहादुर बेटियों की हिम्मत देख शहर के लोग आश्चर्यचकित रह गए।

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