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बाल दिवस विशेष: किसी को 4 साल की उम्र में मिली पीएचडी तो किसी ने पाया अमेरिकी अवार्ड

Tue, 14 Nov 2017 12:23 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Tue, 14 Nov 2017 12:23 PM IST
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childrens day special: in small age these kids are lighting others life, have achieved so much
childrens day - फोटो : अमर उजाला

गुरु द्रोणाचार्य की धरती जहां से एकलव्य ने गुरु दक्षिणा में अपना अंगूठा भेंट कर दिया था। इसी धरती पर कुछ ऐसे बच्चे भी हैं, जिन्होंने कम उम्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। चार वर्ष के विभोर को वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से पीएचडी की मानद डिग्री दी गई तो सामाजिक कार्य के लिए नीतीश को अमेरिका में ‘यूएस प्रूडेंशियल स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी अवार्ड’ से नवाजा जा चुका है। आरिज फैसल तकनीक के जरिए गरीब छात्रों को पढ़ाकर उनकी जिंदगी में उजियारा लाने की कोशिश में जुटे हैं। 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन और बाल दिवस पर पेश है एक रिपोर्ट:

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vibhor singla - फोटो : अमर उजाला

विभोर सिंगला: 
-आरडी सिटी में रहने वाले 4 साल के विभोर सिंगला के एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी टैलेंट के लिए उसे वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से 2015 में पीएचडी की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। विभोर न सिर्फ दोनों हाथों से एक साथ लिख सकता है, बल्कि वह टैबलेट, लैपटॉप व टच पेड को आराम से चला लेता है। दुनिया की 300 से अधिक गाड़ियों के नाम उसे पता हैं। स्पेनिश, रोमन, हिन्दी व अंग्रेजी में 1000 तक गिनती आती है। उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। विभोर अभी से दूसरी कक्षा की किताबें आराम से पढ़ने और लिखने में सक्षम है। 200 से ज्यादा ऐप की जानकारी है। विभोर की मां ईशा कहती हैं कि छह मिनट 18 सेकंड्स में 20 तक टेबल सुनाने के बाद विभोर का नाम 10 जनवरी को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया था। केमिस्ट्री की पीरयॉडिक टेबल, सिंबल और ऑटोमिक नंबर भी उसे याद हैं।

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jaisheel buddhadev - फोटो : अमर उजाला

जयशील बुद्धदेव:
सेक्टर-46 में रहने वाले सात वर्षीय जयशील बुद्धदेव पर्यावरण को लेकर अभियान चला रहे हैं। अपने संगीत के माध्यम से स्वच्छता अभियानों में बीते दो वर्षों से सक्रिय है। पर्यावरण के प्रति लगातार जागरूकता अभियानों में सक्रिय योगदान के लिए जयशील को राष्ट्रपति नेशनल चाइल्ड फॉर एक्सेप्शनल अचीवमेंट अवार्ड से आज सम्मानित करेंगे।  जयशील की मां भाविषा का कहना है कि जयशील इलाहाबाद संगीत विश्वविद्यालय से सबसे कम उम्र में संगीत में डिप्लोमा हासिल करने वाले छात्र हैं। वह स्वच्छता अभियान और कचरे को लेकर रीड्यूज, रीयूज और रीसाइकिल के जागरूकता अभियानों में सक्रिय रहे हैं। जयशील हारमोनियम अच्छा बजाते हैं। किचन वेस्ट से खाद बनाने को लेकर जागरुकता कार्यक्रमों में भी उन्होंने भागीदारी निभाई है। 

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jaisheel buddhadev - फोटो : अमर उजाला

नीतिश साहनी
निर्वाणा कंट्री में रहने वाले 15 साल के नीतीश साहनी अपने हमउम्र बच्चों के लिए रोल मॉडल हैं। द श्रीराम स्कूल अरावली के 10वीं कक्षा का छात्र नीतीश इस छोटी सी उम्र में कैंसर पीड़ितों के अलावा कई आपदाओं के मौके पर चंदा इकट्ठा कर अपना योगदान दे चुका है। इसके लिए नीतीश ने ‘प्योर हार्ट’ ग्रुप भी बनाया है। सामाजिक कार्यों में योगदान को देखते हुए 05 मई 2015 को अमेरिका के नेशनल म्यूजियम ऑफ नेशनल हिस्ट्री में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘यूएस प्रूडेंशियल स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी अवार्ड’ से नवाजा गया था। वह ग्रुप बनाकर बाल मजदूरी पर जागरूकता के लिए काम कर रहे हैं। जरूरतमंद श्रेणी में कैंसर के इलाज के लिए सबसे अधिक काम किया है। नीतीश बताते हैं, जब 2014 में कश्मीर में आई बाढ़ में उनके रिश्तेदार भी फंस गए थे। इस हादसे के बाद उन्होंने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर यह ग्रुप बनाया। एक साल में अब इस ग्रुप में सेक्टर-50 के निर्वाणा कंट्री और आसपास के करीब 60 बच्चे जुड़े हुए हैं।

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ariz faisal - फोटो : अमर उजाला

आरिज फैसल
खुद पढ़ने लिखने की उम्र में 17 वर्षीय आरिज फैसल गुरबत और सरकारी स्कूूल में पढ़ने वाले बच्चों की जिंदगी में उजियारा फैलाने की कोशिश में जुटे हैं। 12वीं कक्षा का छात्र ने हेल्प इंडिया लर्न ग्रुप के नाम से ग्रुप बनाया है। वह इसमें 120 सरकारी और जरूरतमंद बच्चों को गणित और अन्य विषयों की जानकारी दे रहे हैं। आरिज का कहना है कि इसके लिए उन्होंने 50 से अधिक स्कूलों के शिक्षकों को बतौर वॉलंटियर पढ़ाने के लिए जोड़ा है। हिन्दी माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में गणित की कठिनाई सिखाने पर काम किया जा रहा है। इसमें 8-10 वर्ष के बच्चों पर अधिक फोकस किया जा रहा है। इसमें सरकारी और गैर लाभकारी स्कूलों को भी जोड़ा जा रहा है।

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