सरकारी अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ नर्स की लापरवाही से नवजात बेड के नीचे रखे डस्टबिन में जा गिरा और सिर में गंभीर चोट आ गई। इसके बाद तो बच्चे को कई बार...
लापरवाही की हदः डिलीवरी होते ही डस्टबिन में गिरा बच्चा, सिर में आई गंभीर चोट और...
सोमवार सुबह करीब सवा सात बजे हुई इस घटना के बाद से ही नवजात की हालत दिनभर गंभीर रही। उसे कई बार दौरे भी पड़े। गंभीर हालत को देखते हुए नवजात को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। बल्लभगढ़ के तिगांव में रहने वाली फाला देवी ने बताया कि रविवार रात करीब एक बजे उन्होंने अपनी बहू कोमल को प्रसव के लिए बीके सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था।
सुबह करीब सात बजे कोमल दर्द से चिल्लाने लगी। इस पर वहां मौजूद स्टाफ नर्स उसे लेबर रूम में ले गई। कोमल को डिलीवरी बेड पर बैठाकर स्टाफ नर्स बाहर चली गई। फालादेवी ने बताया कि काफी देर तक कोमल बेड पर बैठकर दर्द से चिल्लाती रहीं, मगर डॉक्टर या नर्स ने उसकी सुध नहीं ली। इससे बेड पर बैठी कोमल को डिलीवरी हो गई और नवजात सिर के बल बेड के नीचे रखे डस्टबिन में जा गिरा।
बहू के चिल्लाने पर नर्स अंदर पहुंचीं, वहां देखा तो नवजात डस्टबिन में पड़ा हुआ था। पीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह के अनुसार, नवजात को तत्काल आईसीयू में भर्ती किया गया, मगर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसे बार-बार दौरे पड़ रहे हैं। नवजात की गंभीर हालत को देखते हुए अब उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
नवजात की हालत में सुधार, डा.रचना करेंगी जांच
बीके सिविल अस्पताल में डस्टबिन में गिरे नवजात के सिर में चोट आई हैं। अमर उजाला रिपोर्टर ने देर रात नवजात के पिता सुखबीर से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि बच्चे को सफदरजंग में भर्ती करा दिया गया है। अब उसकी हालत में कुछ सुधार है। डाक्टरों के अनुसार उसके सिर में चोट आई है। उधर पीएमओ डा. सुखबीर सिंह ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच वरिष्ठ चिकित्सक रचना को दी गई है। मामले में जो भी स्टाफ दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।