ओखला सिलिंडर ब्लास्ट: मृतक के शरीर के टुकड़े 50 मीटर तक बिखरे, दोनों पैर अलग, पुलिस को दोनों हाथ तक नहीं मिले
बुधवार सुबह ओखला के फेस-एक में भीषण सिलिंडर ब्लास्ट से मोहित सिंह की मौत हो गई। धमाके से शरीर के टुकड़े 50 मीटर तक फैल गए और आसपास के शीशे टूट गए। गोदाम मालिक श्याम मोहन गिरफ्तार कर लिया गया है।
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ओखला औद्योगिक क्षेत्र थाना के ओखला के फेस-एक में बुधवार सुबह हुआ सिलिंडर ब्लास्ट हादसा बहुत ही भयानक व रोंगटे खड़े कर देने वाला था। मृतक मोहित सिंह के शरीर के कई टुकड़े हो गए थे। दोनों पैर बिल्कुल अलग हो गए थे। सिर धड़ के साथ ही था। पुलिस को बुधवार देर शाम तक ये मृतक मोहित सिंह के दोनों हाथ ही नहीं थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाथ पूरी तरह गायब हैं और माना जा रहा है कि धमाके के साथ मृतक के हाथ मांस के टुकड़े में बंट कर अलग हो गए थे। अमर उजाला संवाददाता ने मौके पर देखा कि जो पुलिसकर्मी मृतक के शव के टुकड़े को उठा रहे थे उनके भी हाथ कांप रहे थे और आंख बहुत ज्यादा नम हो रही थीं।
दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक के शरीर के कई टुकड़े हो गए थे और और 50 मीटर तक फैल गए थे। पुलिस को शवों के टुकड़ों को समेटने और फोरेंसिक टीम के आने के बाद करीब दो से ढाई घंटे लग गए थे। शव के टुकड़ों को देखकर पुलिस जवान व अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो रहे थे। घटनास्थल के सामने ही मृतक की पत्नी, बच्चे और अन्य रिश्तेदार थे। जैसे ही पुलिस ने अलग हुए पैर को उठाया तो परिजनों को दिख गया तो सभी दहाड़ मार-मार कर रोने लग गए थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि मृतक मोहित सिंह अकेले ही ट्रक से सिलिंडर उतार रहा था। अकेले होने की वजह से एक सिलिंडर ट्रक से जमीन पर गिर गया और फिर वह फट गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सिलिंडर फटा तो ऐसा लगा जैसे बम फट गया हो।
शीशे टूट गए थे-
सिलिंडर ब्लास्ट की भीषणता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धमाके दौरान आसपास स्थित इमारतों में लगे शीशे टूट गए थे। जिस गोदाम में ये धमाका हुआ है उसके सामने यानि करीब 20 मीटर की दूरी बनी इमारत के शीशे टूट गए थे। इस इमारत में बाहर की तरफ शीशे लगे हुए हैं। गोदाम के बगल वाली इमारत के भी शीशे टूट गए थे। इसमें बाहर की तरफ शीशे लगे हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बम फटने जैसा जोरदार धमाका हुआ और फिर कुछ सेकंड के लिए सब कुल सुन हो गया था।
गोदाम मालिक गिरफ्तार-
दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने गोदाम मालिक व विनोद नगर, पूर्वी दिल्ली निवासी श्याम मोहन को गिरफ्तार कर लिया था। वह भी मौके पर था और उसे भी सिर आदि जगहों पर चोट लगी हैं। हादसे के बाद वह अपने घर गया और वहां से कपड़े आदि लेकर फरीदाबाद के विनय नगर में रहने वाले बहन के देवर के घर चला गया था। उसे यहीं से गिरफ्तार किया गया है। यहां ये दिल्ली से भागने की फिराक में था। मौके पर मौजूद ओखला थानाध्यक्ष अनिल मलिक की आंखें भी बार-बार नम हो रही थीं।
परिवार के सामने संकट, मिले मुआवजा-
हादसे में जान गंवाने वाले मोहित माता-पिता की इकलौती संतान थे। मां कई वर्ष पहले गुजर चुकी हैं। वहीं पिता कर्मवीर एटा में रहते हैं। रिश्तेदार कृष्ण सिंह भदोरिया ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे उन्हें घटना की जानकारी मिली। मोहित अपने पीछे बुजुर्ग पिता, पत्नी रेनू, 12 वर्ष की बेटी पूर्वी और 10 वर्षीय बेटे कार्तिक को छोड़ गए हैं। वह तीन बहनो के बीच अकेले भाई थी। परिवार के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। स्वजन और रिश्तेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि मोहित की पत्नी, पिता और छोटे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। स्थानीय विधायक सहीराम पहलवान ने भी परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
बच्चे के गले लगाकर आंखे हो गए थे-
मौके पर एसीपी सरिता विहार अनिल शर्मा थे। उन्होंने मृतक मोहित सिंह की बेटी व बेटे को कई बार अपने साथ बुलाया और दोनों को काफी देर तक गले लगाए रखा। वह बच्चों से कह रहे थे कि वह उनका नंबर ले जो जब भी कोई जरूरत पड़े तो उनसे बात करना। बच्चों को गले लगाते समय एसीपी अनिल शर्मा व आसपास खड़े पुलिस स्टाफ की भी आखें नम: हो रही थीं।