वह छोटे कद के एक सामान्य से दिखने वाले शख्स थे, जिनकी नाक लंबी थी और बाल तो गायब ही हो गए थे। आगे के जो चंद बाल थे उन्हें वो अक्सर पीछे झटकते रहते थे ताकि सिर के बीच का हिस्सा खाली न दिखे। ये सब सुनकर आपको लगेगा कि यहां किसी साधारण शख्स की बात हो रही है लेकिन हम भारत के एक ऐसे नौकरशाह की बात कर रहे हैं जिसका खौफ पुरानी दिल्ली के लोगों में गहराइयों तक था। उनका इतना खौफ था अगर उनकी गाड़ी दूर से ही दिख जाए तो लोग छिपने की जगह ढूंढने लगते थे। हम बात कर रहे हैं देश के नामी नौकरशाह जगमोहन मल्होत्रा (Jagmohan Malhotra) की। आज उनका जन्म दिन है। उनका जन्म 25 सितंबर 1927 को पश्चिम पंजाब के रेलवे कॉलोनी में हुआ था। जगहमोन दिल्ली के एलजी, गोवा और जम्मू-कश्मीर के गवर्नर रह चुके हैं। जगमोहन लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। पढ़ें इमरजेंसी के दौर का उनका दिलचस्प किस्सा....
जगमोहन मल्होत्रा के कई किस्से मशहूर हैं लेकिन इमरजेंसी के दौरान हुई एक घटना के लिए वह काफी जाने जाते हैं। उस वक्त यानी 1975 में जगमोहन मल्होत्रा दिल्ली विकास प्राधिकरण के चेयरमैन थे। उनकी पसंद सफाई पसंद अधिकारी की थी। उस वक्त संजय गांधी ने पुरानी दिल्ली से खासतौर से झुग्गियां हटवाने का ऐलान किया था और इसके लिए उनकी पहली पसंद जगमोहन मल्होत्रा ही थे।
उस दौर के एक किस्से का जिक्र वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह ने अपनी किताब दरबार में भी किया है। दरअसल झुग्गियों को हटवाने का जो काम जगमोहन मल्होत्रा को दिया गया था उसमें सबसे पहला नाम आया था उस वक्त के मशहूर 'फ्लोरा' रेस्टोरेंट का। यह जामा मस्जिद से बिल्कुल नजदीक था और इसकी खिड़कियों से जामा मस्जिद को देखा जा सकता था। इस रेस्टोरेंट के टूटने के किस्से के बारे में तवलीन अपनी किताब में लिखती हैं, 'जब मैंने लोगों से अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि जगमोहन के आदेश पर इसे तोड़ दिया गया. यह अवैध था।' इसके बाद एक-एककर झुग्गियां तोड़ी गईं और तुर्कमान गेट पूरी तरह साफ कर दिया गया।
यही सिलसिला आगे बढ़ा तो स्थानीय लोगों में जगमोहन मल्होत्रा का खौफ बैठ गया। उनको लेकर तमाम तरह की अफवाहें उड़ने लगीं, जिसमें जगमोहन द्वारा मुसलमानों को नफरत करने की बात भी थी। हालांकि ये बात इसलिए उड़ी थी क्योंकि जिनकी झुग्गियां हटी थीं उनमें ज्यादातर मुसलमान थे।
तवलीन सिंह ने अपनी किताब में इस बात का भी जिक्र किया है, उन्होंने लिखा, जगमोहन के बारे में चर्चा थी कि वे मुसलमानों को पसंद नहीं करते। एक मीटिंग के बारे में कहा जाता था कि जगमोहन ने इसमें कहा है कि मैं जामा मस्जिद तक पूरा इलाका साफ चाहता हूं। मैं नहीं चाहता कि यहां एक और पाकिस्तान बसे। हालांकि बाद में जगमोहन ने इस तरह की किसी भी बैठक से इनकार कर दिया।