भारतीय रेल: ताज एक्सप्रेस अब नई दिल्ली के बजाय हजरत निजामुद्दीन से चलेगी, 1 नवंबर से बदलेगा ट्रेन का टर्मिनल
रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 12280 पहले नई दिल्ली से सुबह 6:55 बजे रवाना होती थी। नई व्यवस्था के तहत यह हजरत निजामुद्दीन से सुबह 7:05 बजे रवाना होगी। समय-सारणी में स्टेशन पर सुबह 7:06 बजे आगमन और 7:08 बजे प्रस्थान भी दर्ज है।
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ताज एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 12280 और 12279 के टर्मिनल में बदलाव किया है। 1 नवंबर 2026 से दोनों ट्रेनें नई दिल्ली के बजाय हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से संचालित होंगी।
रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 12280 पहले नई दिल्ली से सुबह 6:55 बजे रवाना होती थी। नई व्यवस्था के तहत यह हजरत निजामुद्दीन से सुबह 7:05 बजे रवाना होगी। समय-सारणी में स्टेशन पर सुबह 7:06 बजे आगमन और 7:08 बजे प्रस्थान भी दर्ज है।
वहीं, झांसी से आने वाली ट्रेन संख्या 12279 पहले हजरत निजामुद्दीन रात 9:05 बजे पहुंचती थी और 9:07 बजे रवाना होती थी। संशोधित समय-सारणी के अनुसार, अब इसका आगमन रात 9:25 बजे होगा।
दिल्ली-रेवाड़ी रेलखंड पर काम के चलते पांच ट्रेनें रहेंगी प्रभावित
दिल्ली-रेवाड़ी रेलखंड पर निर्माण कार्य और परिचालन संबंधी कारणों से रेलवे ने पांच ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। पटली और जटौला जौरी सांपका रेलवे स्टेशनों के बीच पुल संख्या 77 के पास आरसीसी बॉक्स लगाने के लिए बिजली और यातायात संबंधी दो ब्लॉक लिए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक चार घंटे का होगा। इसके चलते एक ट्रेन को रीशेड्यूल किया गया है, जबकि चार ट्रेनों को रास्ते में रोककर चलाया जाएगा।
रेलवे के अनुसार, अजमेर जंक्शन से योग नगरी ऋषिकेश जाने वाली ट्रेन संख्या 09611 को 16 दिसंबर को निर्धारित समय से 90 मिनट देरी से रवाना किया जाएगा। यह ट्रेन अजमेर से रात 9:15 बजे प्रस्थान करेगी। दिल्ली जंक्शन से रेवाड़ी जाने वाली ट्रेन संख्या 54413 को 17 दिसंबर को रास्ते में 15 मिनट रोका जाएगा।
इसी तरह, साबरमती बीजी से योग नगरी ऋषिकेश जाने वाली ट्रेन संख्या 19031 को 16 दिसंबर को 45 मिनट रोककर चलाया जाएगा। उदयपुर सिटी से दिल्ली सराय रोहिल्ला आने वाली ट्रेन संख्या 20474 को 20 मिनट और जोधपुर जंक्शन से दिल्ली सराय रोहिल्ला आने वाली ट्रेन संख्या 22481 को 10 मिनट रास्ते में रोकने की व्यवस्था की गई है।
नई दिल्ली-जालंधर ट्रेन लुधियाना तक ही चलेगी : उत्तर रेलवे ने परिचालन संबंधी कारणों से नई दिल्ली-जालंधर सिटी ट्रेन के संचालन में भी बदलाव किया है। इसके तहत 23 अक्तूबर को नई दिल्ली से जालंधर सिटी जाने वाली ट्रेन संख्या 14681 की यात्रा लुधियाना जंक्शन पर ही समाप्त कर दी गई। वहीं, 24 अक्तूबर को जालंधर सिटी से नई दिल्ली आने वाली ट्रेन संख्या 14682 लुधियाना जंक्शन से ही रवाना होगी।
दीपावली पर दिल्ली के कई रेलवे आरक्षण केंद्र रहेंगे बंद
दीपावली के अवसर पर 8 नवंबर को दिल्ली क्षेत्र के कई रेलवे आरक्षण केंद्रों पर टिकट बुकिंग की सुविधा प्रभावित रहेगी। उत्तर रेलवे ने यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) काउंटरों के संचालन में बदलाव किया है। इसके तहत कुछ केंद्रों पर शाम की पाली में आंशिक सेवा मिलेगी, जबकि कई केंद्र शाम को बंद रहेंगे। छह आरक्षण केंद्रों पर पूरे दिन सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। उत्तर रेलवे के अनुसार, आईआरसीए भवन, दिल्ली जंक्शन और हजरत निजामुद्दीन स्थित आरक्षण कार्यालयों में शाम की पाली के दौरान शाम छह बजे तक आंशिक सेवाएं दी जाएंगी।
वहीं, सरोजिनी नगर, कीर्ति नगर, शकूर बस्ती, दिल्ली शाहदरा, गाजियाबाद, कड़कड़डूमा, ओखला, नोएडा, तुगलकाबाद, सब्जी मंडी, आदर्श नगर, लाजपत नगर, रोहिणी और एम्स सहित अन्य केंद्रों पर दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक आरक्षण सेवाएं बंद रहेंगी। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक ब्यूरो, आईआरसीए भवन में भी इस अवधि में सेवाएं बंद रहेंगी। ये केंद्र सुबह की पाली में सामान्य रूप से काम करेंगे। इसके अलावा संसद भवन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, रेलवे बोर्ड, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय स्थित आरक्षण केंद्र पूरे दिन बंद रहेंगे।
वंदे भारत स्लीपर में मिलेगा लजीज खाना इंडियन होटल्स, सिंगापुर की कंपनी रेस में
चार प्रमुख कंपनियां शामिल
यात्रियों को हवाई जहाज और एयरपोर्ट जैसी हाई-क्वालिटी कैटरिंग सर्विस देने के लिए रेलवे विचार कर रहा है। इसके लिए देश-विदेश की नामी-गिरामी चार प्रमुख कंपनियां दौड़ में शामिल हैं। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड और सिंगापुर की एसएटीएस लिमिटेड का एक संयुक्त उद्यम ताज एसएटीएस इस दौड़ में सबसे आगे है। इसे फ्लाइट्स में कैटरिंग का लंबा और बेहतरीन अनुभव है।
रेल मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहली ट्रेन 31 अक्तूबर को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलाई जाएगी। दूसरी ट्रेन 1 नवंबर को मुंबई से बंगलूरू के बीच संचालित होगी। इससे पहले देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इसी साल 22 जनवरी को हावड़ा से कामाख्या के बीच चलाई गई थी, जिसे यात्रियों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और इसकी ऑक्यूपेंसी 100% तक रही थी। करीब आठ महीने बाद इन दो नई ट्रेनों की सौगात मिलने जा रही है।