फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

प्रद्युम्न हत्याकांड : तो इस वजह से पुलिस ने जबरन कबूल करवाया था अशोक से गुनाह

Fri, 24 Nov 2017 04:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Fri, 24 Nov 2017 04:46 PM IST
विज्ञापन
in pradyuman murder case police forcefully made ashok to accept the murder
ryan school - फोटो : पवन कुमार सेठी

प्रद्युम्न हत्याकांड में जेल से जमानत पर रिहा हुए अशोक ने गुरुग्राम पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। अशोक का कहना है कि पुलिस ने जुर्म कबूल करने के लिए विभिन्न यातनाएं दीं।

in pradyuman murder case police forcefully made ashok to accept the murder
ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

जिस चाकू को गुरुग्राम पुलिस द्वारा अशोक की निशानदेही पर बरामद कराए जाने का दावा था, अशोक का कहना है कि उस चाकू के संदर्भ में उसे कुछ पता ही नहीं है।

in pradyuman murder case police forcefully made ashok to accept the murder
ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

मीडिया में जुर्म कबूलने का बयान देने के लिए पुलिस ने मजबूर किया था। अशोक का आरोप है कि यदि उसने मीडिया में यह जुर्म न कबूल किया, तो उसे इससे भी अधिक पीटा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
in pradyuman murder case police forcefully made ashok to accept the murder
ryan school - फोटो : पवन कुमार सेठी

बुधवार को भोंडसी स्थित मॉडर्न जेल से अशोक के रिहा होने के बाद से सोहना के गांव घामडौज स्थित उसके घर पर मीडिया का जमावड़ा है। बुधवार रात से ही अशोक की तबीयत खराब हो गई। बावजूद इसके अशोक ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत की।

विज्ञापन
in pradyuman murder case police forcefully made ashok to accept the murder
ryan school - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला

अशोक ने बताया कि पुलिस ने मामले में वाहवाही लूटने के लिए कहानी गढ़ी है। जिस वक्त वारदात हुई उस वक्त वह मौके पर नहीं था। उसे जब माली ने आवाज लगाई तो वह वापस गया। उसे मैडम ने बुलवाया था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed