कहते हैं कि अनहोनी कहकर नहीं आती। पंकज को क्या पता था कि सीढ़ियों में धुआं भरा हुआ है। उसे लगा कि घर में आग लग गई है। बचने के लिए परिवार के साथ छत पर भागने लगा। इस दौरान वह सब सीढ़ियों में काफी मात्रा में मौजूद धुएं की चपेट में आ गए और बेहोश हो गए और फिर जो हुआ उससे परिवार में कोहराम मच गया...
आग से बचने को छत पर जाते हुए सीढ़ियों पर हुए बेहोश, बुझ गया सालों बाद पैदा हुआ घर का चिराग
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 08 Jun 2018 09:57 AM IST
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