धारा-144 लागू होने के बाजवूद सेक्टर-123 में बनाया जा रहा डंपिंग ग्राउंड रविवार को अखाड़े के मैदान में तब्दील हो गया। दोपहर 12 बजे के करीब डंपिंग ग्राउंड के विरोध में सैकड़ों स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। दो दिन से हुई खुदाई के बाद बनाए गए गड्ढों को लोगों हाथों से ही भरने का प्रयास किया। हंगामा और भीड़ देखकर पुलिसकर्मी मौके से हटकर एक तरफ हो गए। रविवार को विरोध के बाद यहां स्थानीय लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
नोएडा: सेक्टर-123 में डंपिंग ग्राउंड का भारी विरोध, अधिकारी हुए नदारद, पुलिस भी कुछ नहीं कर पाई
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सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों प्रदर्शनकारी सेक्टर-122 के बारात घर में एकत्रित हुए। यहां पर्थला, गढ़ी, बहलोलपुर, सर्फाबाद, सोरखा, होशियारपुर, होम्स121, सेक्चर-122, सेक्टर-70, सेक्टर-71, सेक्टर-123 एफएनजी विहार, प्रतीक सोसाइटी, गौर सिटी के लोगों ने रणनीति तैयार करने के बाद हाथों में तिरंगा लेकर सेक्टर-122, 123 के गोलचक्कर पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। भीड़ के कारण यहां यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए सपा के अलावा अन्य राजनैतिक दल, सामाजिक संगठन, किसान, ग्रामीणों के अलावा आसपास के सोसाइटियों के सैकड़ों लोग महिलाओं सहित प्रदर्शन में शामिल हो गए। करीब 500-700 लोगों की भीड़ देखकर पुलिस पस्त हो गई। शनिवार तक जहां प्राधिकरण अधिकारी खुद बैठकर काम करवा रहे थे। वह यहां नजर तक नहीं आए। इसके बाद प्रदर्शनकारी प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट वाले प्लॉट में घुस गए। यहां प्राधिकरण द्वारा कचरा फेंकने के लिए भूमिगत चैंबर बनाया जा रहा है। दो दिन से यहां खुदाई का काम किया जा रहा था। गुस्साए लोगों ने भीषण गर्मी में हाथ से ही गड्ढों को भरना शुरू दिया।
तुम गड्ढा खोदो हम भरते रहेंगे
प्राधिकरण ने जिस गढ्ढे को खोदने में दो दिन लगाए। यहां सैकड़ों लोगों की भीड़ ने एक घंटे में प्राधिकरण के प्रयास को बिगाड़ दिया। यह विरोध करने का उनका अलग तरीका था। उन्होंने कहा, ‘तुम गड्ढा खोदों हम भरते रहेंगे।’ यह देख पुलिस सकते में आ गई। पुलिस की एक पूरी टीम डंपिंग मैदान के पास एक स्थान पर जाकर बैठ गई। मौके पर प्राधिकरण का कोई बड़ा अधिकारी तक नहीं पहुंचा।
रुकवा दिया खुदाई का काम, लगाया जाम
लोगों ने कूड़ा डालने के लिए बनाए जा रहे गड्ढों की खुदाई का काम रुकवा दिया गया। एक दिन पहले ही लगाए गए हाइमास्ट लाइट के पोल को उखाड़ दिया। इसके बाद पर्थला गोलचक्कर पर जाम लगा दिया गया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ देखकर पुलिस पस्त दिखी। स्थानीय लोग वहीं पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि यहां किसी भी हालत में कचरा फेंकने नहीं दिया जाएगा।
अदालत बाद में पहले हम खुद निपटेंगे
स्थानीय लोगों का कहना था कि अदालत बाद में जाएंगे, पहले हम खुद ही निपटेंगे। यही कहते हुए स्थानीय लोगों ने एकाएक डंपिंग ग्राउंड पर धावा बोल दिया। भीषण गर्मी में लोग उग्र हो रहे थे। उनका कहना था कि हमारे नहीं चाहने पर यहां डंपिंग ग्राउंड नहीं बन पाएगा।
विरोध के नाम पर नहीं होनी चाहिए राजनीति
बीते शनिवार को जहां शहर के सामाजिक संगठन, किसान संगठन, आरडब्ल्यूए, कोनरवा व तमाम राजनीतिक दल एक मंच पर आते दिख रहे थे। वहीं प्रदर्शन के दौरान कुछ अलग ही दिखा। यहां प्रदर्शनकारियों में अपने को ज्यादा दिखाने की होड़ मची रही। सपा के लोग अपने कार्यकर्ताओं के साथ अलग बैठे दिखे। यह देख आसपास के सोसाइटी लोगों ने इसका विरोध भी किया। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने कहा कि हमारा मकसद एक है, लेकिन यह आंदोलन लोगों हमारे बच्चों व हमारे भविष्य को संक्रमण व बीमारियों से बचाने व शहर को प्रदूषण मुक्त करने की एक पहल है। इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
सोसाइटी के लोगों ने किया विरोध
होम्स 121 के निवासी संजीव दीक्षित ने बताया कि नियम के मुताबिक किसी भी हालात में यहां डंपिंग ग्राउंड नहीं बनना चाहिए। अगर यहां डंपिंग ग्राउंड बनेगा तो भविष्य में बहुत सी दिक्कतें पैदा हो जाएगी। अस्तौली में प्राधिकरण के पास इतनी बड़ी जमीन है। यहां कोई नदी व सोसाइटी भी नहीं है। उन्हें वहां डंपिंग ग्राउंड बनाना चाहिए।
नारेबाजी में सरकार और प्राधिकरण पर उतारा गुस्सा
‘मोदी के स्वच्छता अभियान का नोएडा प्राधिकरण ने किया अपमान सेक्टर-123 में बन रहा कूड़ा दान’। क्या नेता, क्या महिलाएं और क्या बुजुर्ग। हाथों में इसी तरह के स्लोगन लगे बैनर पोस्टर लेकर लोग सेक्टर-123 पहुंचे। यहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी भी की गई।