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दिल्ली : जब सभी दरवाजे हो गए बंद, तो पत्नी की लाश लेकर पांच घंटे भटकता रहा पति

Wed, 14 Sep 2016 04:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 14 Sep 2016 04:46 PM IST
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hospital and land lords denies the entry of wifes dead body, man forced to spend night in ambulance
wife dead body - फोटो : अमर उजाला

पत्नी का शव कंधे पर लेकर 12 किलोमीटर तक चलने वाले ओडिशा के दाना मांझी को लोग अभी भूल भी नहीं पाए हैं कि देश की राजधानी में सोमवार रात इसी तरह की एक और शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई।

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छोटेलाल - फोटो : अमर उजाला

चाय की दुकान चलाने वाले छोटेलाल पत्नी का शव सुरक्षित रखने के लिए पांच घंटों तक इधर से उधर भटकते रहे। मकान मालिक ने घर में शव रखने नहीं दिया और अस्पताल के गार्ड ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। थक-हार कर वह सड़क पर एंबुलेंस खड़ी कर सुबह होने का इंतजार करने लगे। बाद में पुलिस की मदद से शव सुरक्षित रखवाया जा सका।

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छोटे लाल पत्नी की लाश के साथ घूमता रहा - फोटो : अमर उजाला

कड़कड़डूमा निवासी छोटेलाल चाय की दुकान चलाते हैं। सोमवार रात वह बीमार पत्नी अंजू को लेकर हेडगेवार अस्पताल पहुंचा। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद चिकित्सकों ने कागजी खानापूर्ति के बाद शव छोटेलाल को सौंप दिया।

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पत्नी की लाश को एंबुलेंस से न‌िकालता छोटेलाल - फोटो : अमर उजाला

छोटेलाल का कहना है कि जब वह एंबुलेंस से शव लेकर घर पहुंचे तो मकान मालिक देवेंद्र ने इसे घर में रखने से रोक दिया। इसके बाद शव दोबारा एंबुलेंस में रखकर वह अस्पताल गए। लेकिन वहां गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया।

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पत्नी को लेकर घूमता रहा छोटेलाल - फोटो : अमर उजाला

काफी समय तक वह शव लेकर सड़क किनारे खड़े रहे और सुबह होने की प्रतीक्षा करने लगे। इस दौरान गश्त कर रहे पुलिसकर्मी की नजर उन पर पड़ी। पुलिस वाले ने उनसे पूछताछ की तो सारा मामला पता चला। इसके बाद गांव प्रधान भंवर सिंह की मदद से शव सुरक्षित रखवाया गया और मंगलवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया।

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