केजरीवाल सरकार ने मंगलवार को घोड़ों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसके बाद बुधवार को राजधानी में कई घोड़ों को जहर देकर मारने के बाद इन्हें दफना दिया गया। जानिए इसकी पूरी वजह...
केजरीवाल सरकार के प्रतिबंध के बाद अब दिल्ली में घोड़ों को मरने के लिए दिया जा रहा जहर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्लेंडर्स नामक संक्रमण से संक्रमित सभी घोड़ों को जहर देकर दफना दिया गया है। बुधवार को पशुपालन विभाग की टीम ने राजा गार्डन स्थित संजय गांधी पशु चिकित्सालय के पीछे जेसीबी से गड्ढा खोद कर इन्हें दफना दिया गया। उधर, बाकी घोड़ों के ब्लड सैंपल लेने का सिलसिला जारी है। विभाग के अनुसार, पिछले चार दिन में 700 से ज्यादा सैंपल हरियाणा के हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र भेजे गए हैं।
रिपोर्ट आने के बाद विभाग अग्रिम कार्रवाई करेगा। इन घोड़ों को मारने के लिए दिनभर टीमें योजना बनाने में लगी रहीं। दोपहर बाद करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन में इन्हें मारा गया। पशुपालन विभाग के निदेशक डा. जितेंद्र गौड़ ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ग्लेंडर्स संक्रमण काफी जानलेवा होता है। इंसानों को भी इससे खतरा रहता है। चूंकि इसका कोई इलाज नहीं है। पशुओं में यह संक्रमण मिलने पर उन्हें मार देना ही एकमात्र विकल्प बचता है।
दिल्ली में ग्लेंडर्स को लेकर जानवरों में संक्रमण और संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम 2009 के तहत संक्रमित जानवरों को मार देने का प्रावधान है। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई है।
परेड में इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं
विभागीय सूत्रों से गणतंत्र दिवस को लेकर भी बड़ी खबर मिली है। बताया जा रहा है कि संक्रमण को लेकर दिल्ली पुलिस और बीएसएफ को क्लीन चिट दी गई है। 26 जनवरी को होने वाली परेड में घोड़ों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं लगेगा।