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बलराज भाटी को पकड़ने के लिए उसके दोस्त को बनाया मोहरा, गैंगस्टर ऐसे झोंकता था पुलिस की आंखों में धूल

Sat, 05 May 2018 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 05 May 2018 10:00 AM IST
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haryana police took help of gangster balraj bhati to catch him
balraj bhati - फोटो : अमर उजाला

ढाई लाख रुपये के इनामी कुख्यात बलराज भाटी का एनकाउंटर करने के लिए हरियाणा एसटीएफ ने उसी के एक साथी को मोबाइल लेकर उसके साथ लगाया था। ऐसा न करने पर उस बदमाश को एनकाउंटर में मार गिराने की धमकी दी थी। इसके बाद ही हरियाणा एसटीएफ अपने मंसूबे में कामयाब हो पाई।

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balraj bhati - फोटो : rajan rai

इतना ही नहीं, पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बलराज अक्सर निजी कंपनियों में मामूली वेतन पर नौकरी तक करता था। हरियाणा के एक आला पुलिस अधिकारी ने बताया कि बलराज भाटी को कई माह से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा था, मगर वह पुलिस के सामने रहकर भी अपने काम को अंजाम दे जाता था।

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balraj bhati - फोटो : अमर उजाला

पुलिस सूत्रों ने बताया कि किसी भी वारदात के बाद वह कार या बाइक का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि ऑटो या बस में सवार होकर गंतव्य तक पहुंचता था। विशेष बात यह थी कि वह मोबाइल का प्रयोग नहीं करता था और किसी भी मित्र या गिरोह के सदस्य से मिलना होता तो कोई दूसरी तरीका निकाल लेता था।

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balraj bhati - फोटो : अमर उजाला

दो माह पहले हरियाणा पुलिस के हत्थे बलराज का एक साथी चढ़ गया। पुलिस ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगा रखा था। एसटीएफ ने जब उसका एनकाउंटर करने की तैयारी की तो वह जान बख्शने की गुहार लगाने लगा। एसटीएफ ने उसे छोड़ने के  एवज में बलराज के साथ रहकर उसकी लोकेशन देने को कहा। इसके बाद उसे छोड़ दिया।

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balraj bhati - फोटो : लाल सिंह

वह साथी भी बलराज के साथ रहने लगा। हरियाणा एसटीएफ ने भी घटना वाले दिन बलराज को ही निशाना बनाया था। अधिकारियों की मानें तो बलराज वारदात करने के बाद किसी भी जिले में जाकर निजी कंपनी में 5 से 10 हजार रुपये की नौकरी करने लगता था। इससे किसी को भी उस पर संदेह नहीं होता था।

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