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हापुड़: दर्दनाक हादसे में बुझ गए घर के चिराग, मुश्ताक के दोनों बेटों की मौत
Tue, 23 Jul 2019 06:37 PM IST
शाहरुख खान
अनिल त्यागी, अमर उजाला, हापुड़
अनिल त्यागी, अमर उजाला, हापुड़
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 23 Jul 2019 06:37 PM IST
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हादसे के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र के गांव सालेपुर कोटला के 10 बच्चों की रविवार रात्रि सड़क हादसे में मौत हो जाने पर सोमवार को दिनभर में गांव में मातम छाया रहा। मृतकों में कोटला निवासी मुश्ताक के दो बेटे शाहनवाज (13) और इकराम (11) भी शामिल थे। मृतकों के परिजन और रिश्तेदार रोते बिलखते रहे तथा किसी भी घर में चूल्हे तक नहीं जला। वहीं डीएम ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद किये जाने हेतु प्रस्ताव बनाकर शासन को भिजवाया है।
हादसे के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की रात्रि करीब 11 बजे हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव सादिकपुर के पास कोटला गांव की एक लड़की के निकाह समारोह से लौटते समय हुए सड़क हादसे में एक पिकअप में सवार सालेपुर के तीन तथा कोटला के सात बच्चों की मौत हो गई थी जबकि करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मृतकों में कोटला निवासी मुश्ताक के दो बेटे शाहनवाज (13) और इकराम (11) भी शामिल थे।
हापुड़ में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि सालेपुर कोटला वैसे तो दो अलग अलग गांव हैं लेकिन दोनों गांवों में फासला कम है तथा इनका ग्राम प्रधान एक ही होता है। इस हादसे के बाद दोनों गांवों में मृतकों के तमाम रिश्तेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल था। मृतक मासूमों के माता पिता और भाई बहनों को विलाप करता देखकर आसपास खड़े ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई।
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हापुड़ में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
कोटला गांव के जिशान का कहना था कि इस हादसे से समूचा गांव गम में डूबा है। हालत यह है कि किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला बल्कि तमाम ग्रामीण दोपहर बाद तक मृतक बच्चों के शवों के आने तथा उनकी एक एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि शाम करीब पांच बजे कोटला के सात बच्चों का दफीना किया गया जबकि सालेपुर के बच्चों का दफीना कुछ देर बाद किया गया। इस गमगीन मौके पर कई हजार लोग मौजूद थे।
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हापुड़ में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं डीएम अदिति सिंह ने इस सड़क हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सभी मृतकों के परिजनों को, मुख्यमंत्री विवेकाधीन सहायता कोष से, आर्थिक मदद कि ए जाने की संस्तुति का एक पत्र शासन को भिजवाया जा रहा है।