इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषित हवा का प्रकोप है। सांस के मरीजों की तकलीफें तो बढ़ ही गई हैं, स्वस्थ व्यक्ति भी प्रदूषित हवा के बीच घुटन महसूस कर रहा है। गुरुग्राम में विकास सदन की एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग मशीन में एक्यूआई 456 बताया गया। अन्य जगहों पर कमोबेश इसके ही आसपास पीएम 2.5 का स्तर था।
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एन-95 मास्क
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इस संबंध में डॉक्टरों की राय है कि हमें प्राणायाम और व्यायाम तो करना ही चाहिए, साथ में खान-पान में भी परिवर्तन लाने की जरूरत है। सिविल अस्पताल के फेफड़ा और छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण यादव कहते हैं कि अभी सुबह की सैर से बचें। बाहर निकलते समय एन-95 मास्क पहनें। सुबह की जगह दोपहर या शाम में टहलने निकल सकते हैं।
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अनुलोम विलोम प्राणायाम
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स्वास्थ्य विभाग में आयुष की पंचकर्मा विशेषज्ञ डॉ. गीतांजलि अरोड़ा कहती हैं कि सबसे जरूरी ब्रीदिंग एक्सरसाइज है। अनुलोम-विलोम जरूर करें। नाक में तेल डालकर उसे साफ रखें। चाहे तो बादाम का तेल या सरसों का तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं।
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काली मिर्च
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भोजन में काली मिर्च, गुड़, अखरोट और बादाम का प्रयोग करें। जंक फूड खासतौर पर मैदा या जिसमें प्रिजरवेटिव हो उससे बचें। घी का प्रयोग करें। हम ऐसा सोचते हैं कि घी से मोटापा बढ़ेगा, मगर जिम जाकर भी घी का प्रयोग करें क्योंकि इससे इम्युनिटी बढ़ती है।
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सांकेतिक तस्वीर
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योगाचार्य डॉ. सोनिया पाठक कहती हैं कि इस मौसम में फेफड़ों को डिटॉक्स करना बहुत जरूरी है। इसके लिए रोजाना आसनों के साथ गतिशीलता फेफड़ों को मजबूत करेगी। खास तौर पर अर्द्धचक्रासन की जगह अर्धचक्रचालन, उष्ट्रासन की जगह उष्ट्रचालन और शशकासन और भुजंगासन का कांबिनेशन शशांकभुजंग चालन। दूषित हवा को फेफड़ों से बाहर निकालने के लिए ये आसन करें तो फेफड़े डिटॉक्स तो होंगे ही मजबूत भी होंगे।