या तो हम भूख-प्यास से मरेंगे या फिर ठंड से मर जाएंगे। यूक्रेन के सुमी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसी भारतीय छात्रा माहेश्वरी तेतरवाल ने अमर उजाला से सीधी बातचीत के दौरान कुछ इस तरह अपनी पीड़ा व्यक्त की। माहेश्वरी ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच यदि युद्ध के ऐसे ही हालात बने रहे तो सुमी में फंसे भारतीय छात्र ज्यादा दिन तक जिंदा नहीं रह पाएंगे। बकौल माहेश्वरी बीती रात सुमी में रूस से एयर स्ट्राइक की।
यूक्रेन में ऐसे हैं हालात: प्यास बुझाने के लिए बर्फ के पिघलने का इंतजार कर रहे भारतीय छात्र, बताई आपबीती
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पूरी रात बंकर में बितानी पड़ी:
अंकित ने कहा कि युद्ध शुरू हुए नौ दिन हो चुके हैं और स्थिति दिनोंदिन खराब हो रही है। रात को रूस की तरफ से एयर स्ट्राइक की गई तो सभी को बंकर में जाना पड़ा और पूरी रात बंकर में बितानी पड़ी। रात में ही एक टैंकर आया था, जिससे पानी मिला था लेकिन अब वह भी नहीं आ रहा। इन सबके बीच भारतीय दूतावास कह रहा है कि एक-दो दिन इंतजार करो। सड़क मार्ग से जा नहीं सकते और रेलवे ट्रैक टूटा हुआ है। ऐसे में सुमी से बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है।
दूतावास ने दिया निकालने का आश्वासन:
अंकित ने बताया कि अगर यूक्रेन व रूस की सरकार चाहें तो रूस की सीमा के जरिए निकाल सकते हैं। सुमी से रूस की सीमा सिर्फ 80-90 किलोमीटर दूर है। खास बात यह है कि भारतीय दूतावास ने छात्रों को आश्वासन भी दिया है कि रूस की सीमा के जरिए उनको निकाला जाएगा लेकिन ऐसा कब तक किया जाएगा यह नहीं बताया गया है। दूतावास ने छात्रों को कहा है कि जहां पर हैं वहीं बने रहें। अंकित ने बताया कि अब भी 800 से ज्यादा छात्र सुमी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसे हैं। अब सिर्फ एक-दो दिन का खाना बचा है। पिछले दिनों 6 दिन के लिए खाने की सामग्री लेकर आए थे।
रूस की सीमा पर खड़ी हैं 130 बसें:
गुरुग्राम की रहने वाली छात्रा आकांक्षा, अंजलि, रितु व राजस्थान की माहेश्वरी ने बताया कि स्थिति लगातार खराब हो रही है। सुबह से ही भारी बर्फबारी हो रही है जिसको बाल्टियों में जमा कर उसी को पिघलाकर पीने के पानी का इंतजाम किया जा रहा है। दूसरे हॉस्टल्स में लाइट भी नहीं है तो हीटर नहीं चल रहा है और सब ठंड से ठिठुर रहे हैं। खाने-पीने की सामग्रियां खत्म हैं।
रूस की सीमा पर खड़ी हैं 130 बसें:
सुपर मार्केट से भी सामान खत्म हो गया है। भारतीय दूतावास कहता है कि रूस की सीमा पर 130 बसें खड़ी हैं लेकिन उसका क्या फायदा जब हम सीमा तक भी नहीं पहुंचेंगे। अगर हम अकेले जाएंगे तो यूक्रेन के सैनिकों से खतरा है। माहेश्वरी ने बताया कि अगर वह लोग रूस की सीमा पर खुद से जाते हैं तो यूक्रेन की सेना से खतरा है। रास्ते में माइंस भी बिछी हैं। सुमी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में हरियाणा के अलावा गुजरात, एमपी, उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों के छात्र पढ़ रहे हैं।