गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने को लेकर बीते कई हफ्तों से विवाद चल रहा है। इसके चलते हाल ही में सिख समुदाय मुस्लिम भाइयों की मदद को आगे आया। गुरुद्वारा कमेटी ने मुस्लिम समुदाय को सदर बाजार और सेक्टर-39 स्थित गुरुद्वारों में जुमे के नमाज के लिए पेशकश की है। इस पेशकश के बाद गुरुपर्व के दिन पहला शुक्रवार पड़ा लेकिन इस दिन कोई नमाजी नहीं पहुंचा। इसके पीछे उनका तर्क था कि गुरुपर्व के चलते गुरुद्वारे में काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं ऐसे में उन्हें किसी तरह का कष्ट न हो, बस इसी के चलते नमाजी गुरुद्वारों में नहीं पहुंचे। नमाजियों ने अगले जुमे से गुरुद्वारे आने का वादा किया है। तस्वीरों में देखिए जब गुरुद्वारे नहीं पहुंचे और खुले में नहीं अदा की नमाज तो कहां पहुंचे नमाजी....
सौहार्द की मिसाल: गुरुपर्व के चलते न्योते के बाद भी नहीं आए नमाजी, खाली दुकान में पढ़ी नमाज, अगले जुमे का किया वादा
गुरुद्वारा कमेटी का भी कहना है कि उनके लिए गुरुद्वारे के द्वार हमेशा खुले हुए हैं। वह भी हमारी तरह ही एक ईश्वरवाद में विश्वास करते हैं। गुरुपर्व पर गुरुद्वारा सदर बाजार में गुरुद्वारा कमेटी की ओर से प्रवक्ता दया सिंह ने बताया कि इस बार गुरुपर्व के चलते मुस्लिमों ने खुद ही यहां नमाज पढ़ने के लिए न आने की बात कही है। अगले जुमे से गुरुद्वारे में उनके लिए स्वागत है। गुरुद्वारे में नमाज की पेशकश का सिख समुदाय में ही हो रहे विरोध पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो विरोध करते ही हैं, लेकिन मुस्लिम समुदाय भी सिख समुदाय की तरह एक ईश्वरवाद में विश्वास करता है, इसलिए गुरुद्वारे में नमाज होने में कोई हर्ज नहीं है।
गुरुद्वारे के बेसमेंट की जगह को नमाज के लिए देने से किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुस्लिम समुदाय ने 1984 में दंगों के समय सिखों की बहुत मदद की थी, उनकी जान व माल की रक्षा की थी, इसलिए उनसे समाज को सद्भावना है। वहीं विभाजन के बाद पाकिस्तान के हिस्से में आए पंजाब के सिखों को आज भी देश में रिफ्यूजी कहा जाता है, यह बहुत बुरा लगता है। गुरुद्वारे में नमाज अदा करने की पेशकश करने वाले गुरुद्वारा कमेटी प्रधान शेर दिल सिंह से शुक्रवार को नागरिक एकता मंच का एक प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। पेशकश के लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।
वहीं उनकी तरह समाज के लिए अन्य लोगों को भी आगे आने के लिए अपील की। वहीं, विरोध के चलते सेक्टर-18 के पार्क में इस बार भी नमाजी नहीं आए। हालांकि मौके पर विवाद की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क सभी लोगों के लिए होता है, यह नमाज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। चिह्नित स्थल सहहौल मोड़ पर ही समुदाय के लोग नमाज पढ़ें।
गुरुग्राम सेक्टर-12 में शुक्रवार को पहली बार एक दुकान में ही नमाजियों ने जुमे की नमाज अदा की। नमाजियों के साथ पूर्व राज्यसभा सदस्य मोहम्मद अदीब ने भी नमाज अदा की। 15 फीट चौड़ी व 30 फीट लंबी इस दुकान में ही 50 से ज्यादा नमाजी जुट गए। सभी लोग आसपास मोटर बाइक, कार सर्विस आदि की दुकान पर काम करने वाले मजदूर एवं मिस्त्री ही थे।
सेक्टर-12 में सार्वजनिक जगह पर पहले नमाज का विरोध और फिर इस पर गोवर्धन पूजा के बाद जुमे की नमाज होना बंद हो गई थी। प्रशासन ने इस जगह को नमाज के लिए अनुमति वाले स्थलों से भी बाहर कर दिया था। इसके बाद यहां 400 मीटर की दूरी पर ही स्थित मार्केट में दुकानदार अक्षय यादव ने नमाजियों को अपनी खाली पड़ी दुकान में नमाज पढ़ने के लिए देने की पेशकश की थी। इसके बाद शुक्रवार को पहली बार नमाज अदा की गई।