{"_id":"620c8c33e311ca1e5f0a8b78","slug":"gurugram-chintels-paradiso-flats-collapsed-babita-painful-story-when-mother-in-law-was-saved-she-lost-her-mother-tears-are-not-stopping","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बबीता की दर्दनाक आपबीती: सास को बचाया तो मां को खो दिया, नहीं रूक रहे आंसू, बेघर होने का दर्द सहन नहीं हो रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बबीता की दर्दनाक आपबीती: सास को बचाया तो मां को खो दिया, नहीं रूक रहे आंसू, बेघर होने का दर्द सहन नहीं हो रहा
Wed, 16 Feb 2022 11:01 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 16 Feb 2022 11:01 AM IST
विज्ञापन
chintels paradiso
- फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम की चिनटेल्स पैराडाइसो के डी टॉवर की 18 वीं मंजिल के फ्लैट नंबर 1802 में रहने वाली बबीता (55 साल) हादसे के वक्त से अब तक अपने आंसू नहीं रोक पाई हैं। वह बात करते-करते रोने लगती हैं और फिर रुंधे हुए गले से बोलती हैं। बोलीं.. इस हादसे में उन्होंने अपनी सास नहलो देवी को तो बचा लिया लेकिन इसकी खबर मिलते ही उनकी मां प्रेमवती कौर चल बसीं। मां अपनी बेटी के अचानक बेघर होने का सदमा सहन नहीं कर पाईं। बबीता मंगलवार को क्लब हाउस में हो रहीं बैठक में पहुंचीं। उन्हें उम्मीद थी कि शायद कोई राहत मिल जाए। कहीं रहने का इंतजाम हो जाए, लेकिन वह वहां की गहमागहमी बर्दाश्त नहीं कर सकीं और पोती को गोद में लेकर बाहर निकल गईं। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त उनकी सास की हालात अचानक खराब हो गई थी। किसी तरह से सभी घरवालों ने मिलकर उनको 18 मंजिल से नीचे उतारा। लिफ्ट को छोड़ दिया था कि कहीं उसमें भी कोई हादसा न हो जाए।
बबीता रानी पोती के साथ
- फोटो : अमर उजाला
नीचे लाकर उनको पानी पिलाया और किसी तरह से ढांढस बंधवाया कि सभी लोग सुरक्षित हैं। बस कुछ फ्लैटों की छत टूटी है। इसके बाद सास ने सभी से बात की और फिर वह बेसुध हो गईं।
chintels paradiso
- फोटो : अमर उजाला
उनकी हालात बिगड़ते देख उन्हें उनके छोटे बेटे प्रताप राणा के पास द्वारका भेज दिया गया है। बबीता ने बताया कि जब इस हादसे की खबर उनकी मां प्रेमवती कौर को मिली तो वह बेसुध हो गईं और उनको उल्टियां होने लगीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
chintels paradiso
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद शुक्रवार सुबह सात बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। मां के गुजरने के बाद से वह बहुत टूट गई हैं। दुख ये भी कि मां के गुजरने के बाद वह मायके भी नहीं पहुंच पाई क्योंकि यहां पूरा घर बिखरा पड़ा है।
विज्ञापन
chintels paradiso
- फोटो : अमर उजाला
बबीता ने बताया कि लगभग चार साल पहले वह इस सोसाइटी में कई सपनों के साथ रहने आई थीं। पति रामकिशन राणा, दो बेटे और एक बेटी, पोती सभी साथ में रह रहे हैं। जब से आए हैं तभी से यहां हर रोज कोई न कोई परेशानी होती रहती है।