सरकार और निगम की राजनीति में राजधानी हुई कूड़ा-कूड़ा
दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार व तीनों नगर निगमों में काबिज भाजपा के बीच चल रही राजनीति में सफाई कर्मियों का वेतन फंस गया है। दिल्ली सरकार ने जहां नगर निगमों को पैसा देने से इनकार कर दिया है वहीं, तीनों नगर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षदों ने स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली सरकार से विभिन्न मदों के तहत राशि नहीं मिलने के कारण वह हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं कर सकते।
सरकार और निगम की राजनीति में राजधानी हुई कूड़ा-कूड़ा
आप-भाजपा के रुख को देखते हुए इस बार सफाई कर्मचारियों के लिए मांगें मनवाना आसान नहीं दिख रहा है। हालांकि नगर निगमों ने सफाई कर्मियों के हड़ताल पर जाने पर कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी हुई है। त्योहारों के मौसम में देश की राजधानी में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। उधर, दिल्ली सरकार व तीनों नगर निगम के कड़े रूख के बीच सफाई कर्मचारियों की तमाम यूनियन ने भी आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
सरकार और निगम की राजनीति में राजधानी हुई कूड़ा-कूड़ा
स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष संजय गहलौत ने ऐलान किया है कि सोमवार से पूरी दिल्ली में सफाई कर्मचारी आंदोलनकारी कड़ा रुख अख्तियार करेंगे। इस दौरान निजी कंपनियों को ढलावों से कूड़ा उठाने से रोका जाएगा। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और मार्गों के साथ-साथ नेताओं के घरों और सरकारी कार्यालयों के सामने कूड़ा डाला जाएगा।
सरकार और निगम की राजनीति में राजधानी हुई कूड़ा-कूड़ा
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूर्वी दिल्ली में पूर्वी विनोद नगर, शास्त्री पार्क, मंडावली, मौजपुर, सीलमपुर, बाबरपुर, जाफराबाद, वेलकम, कृष्णा नगर, राधेपुरी, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, हर्ष विहार, गोकलपुरी, भजनपुरा, खजूरी खास, यमुना विहार, नंद नगरी, दिलशाद गार्डन, विवेक विहार, करावल नगर, गणेश नगर, सीमापुरी, शाहदरा, गीता कॉलोनी आदि इलाकों में कूड़े के ढेर दिखने लगे हैं।
सरकार और निगम की राजनीति में राजधानी हुई कूड़ा-कूड़ा
पूर्वी दिल्ली में अनेक सड़कों पर कूड़े के ढेर लगने लगा है। ढलाव कूड़े से अट गए और उनको कूड़ा बाहर तक फैल गया है।
सीएम के हस्तक्षेप से जून में खत्म हुई थी हड़ताल-
कई इलाकों में सड़कों पर भी कूड़ा फैलना शुरू हो गया है। इन इलाकों में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का इलाका भी शामिल है। दूसरी ओर सड़कों पर कूड़े के ढेर के चलते यातायात पर असर दिखने लगा है।