यूपी: डासना मंदिर प्रकरण से ही एटीएस को मिले धर्मांतरण के सुराग, एक के बाद एक आरोपियों से ऐसे जुड़ते गए तार
सलीमुद्दीन को पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार किया था क्योंकि उसने डासना देवी मंदिर में विपुल विजयवर्गीय उर्फ रमजान और उसके साले कासिफ को महंत यति नरसिंहानंद से धार्मिक मामलों पर शास्त्रार्थ करने के लिए भेजा था।
विस्तार
एंटी टेरेरिस्ट स्कवैड ( एटीएस) ने लखनऊ में सोमवार को जिस धर्मांतरण रैकेट का खुलासा किया है, उसके तार गाजियाबाद की जेल में बंद सलीमुद्दीन से जुड़े हैं। दरअसल, 14 और 15 जून को एटीएस ने सलीमुद्दीन से पूछताछ की थी। इसमें ही उसने धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले दिल्ली के जामिया नगर निवासी मुफ्ती काजी जहांगीर और मौहम्मद उमर के बारे में बताया।
सलीमुद्दीन को पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार किया था क्योंकि उसने डासना देवी मंदिर में विपुल विजयवर्गीय उर्फ रमजान और उसके साले कासिफ को महंत यति नरसिंहानंद से धार्मिक मामलों पर शास्त्रार्थ करने के लिए भेजा था। ये दोनों सर्जिकल ब्लेड लेकर आए थे। महंत ने आरोप लगाया था कि ये उनकी हत्या के लिए आए हैं।
दो जून को मंदिर में घुसे विपुल और कासिफ पर सेवादारों को शक हुआ, क्योंकि कासिफ ने रजिस्टर में अपना नाम काशी गुप्ता लिखा था। विपुल नागपुर का निवासी है। कासिफ गाजियाबाद के संजय नगर का रहने वाला है।
इन दोनों ने पूछताछ में बताया कि दोनों को सलीमुद्दीन ने ही मंदिर के महंत से धार्मिक मामलों पर शास्त्रार्थ करने के लिए भेजा था। उसे यह बुरा लगता था कि महंत उसके धर्म के बारे में गलत बोलते हैं। बाद में पुलिस ने सलीमुद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों जेल में है। पुलिस ने इन्हें रिमांड पर भी लिया था। इसी दौरान एटीएस ने इनसे पूछताछ की थी। इसी में धर्मांतरण गिरोह का सुराग मिला था।
इंस्टीट्यूट की आड़ में सलीमुद्दीन चला रहा था धर्मांतरण का धंधा
सलीमुद्दीन के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि वह पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट की आड़ में धर्मांतरण का धंधा चला रहा था। खुफिया एजेंसियां इसकी गहराई से पड़ताल कर रही हैं। जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं। जांच में पता चला है कि वह जगह-जगह धार्मिक तकरीरें देता था। उससे प्रभावित होने वाले लोगों को पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट में बुलाता था। यहां धर्मांतरण कराया जाता था।
सलीमुद्दीन विजय नगर सेक्टर -12 का निवासी है। यहीं पर उसका फलाह ए आम पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट है। डासना देवी मंदिर में घुसे विपुल विजयवर्गीय का धर्मांतरण भी यहीं पर कराया गया था। विपुल नागपुर का निवासी है। सलीमुद्दीन कई बार नागपुर जा चुका है। वहां उसने धार्मिक तकरीरें दीं। सलीमुद्दीन से प्रभावित होकर विपुल ने उससे संपर्क किया।
उसने उसे इंस्टीट्यूट में बुला लिया। यहां गाजियाबाद के संजय नगर निवासी आयशा नाम की एक छात्रा पढ़ती थी। विपुल की उससे दोस्ती हो गई। इस पर सलीमुद्दीन ने विपुल का धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम रमजान रख दिया। इसके बाद आयशा से उसका निकाह करा दिया। आयशा का भाई ही कासिफ है जो विपुल के साथ काशी बनकर डासना देवी मंदिर में घुसा था। कासिफ मेरठ रोड स्थित एक फैक्टरी में अकाउंटेंट है।
पुलिस को आशंका है कि इंस्टीट्यूट में सलीमुद्दीन ने और भी लोगों का धर्मांतरण कराया है। यहां पढ़ चुके सभी छात्रों का ब्योरा पुलिस ने पहले ही जुटा लिया है। अब सभी के बारे में पड़ताल की जा रही है। ऐसी भी जानकारी है कि फलाह ए आम इंस्टीट्यूट को कई जगह से चंदा मिल रहा था।
इस चंदे के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। उसके बैंक खातों की डिटेल निकलवाई गई है। सलीमुद्दीन के मोबाइल की कॉल डिटेल भी पुलिस ने जुटा ली है। इंस्टीट्यूट में उससे मिलने के लिए कई लोग आते थे। उनके बारे में भी पता किया जा रहा है।
सलीमुद्दीन धर्मांतरण कराने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था। सलीमुद्दीन के जुड़े विपुल और कासिफ को मसूरी पुलिस जेल भेज चुकी है। सलीमुद्दीन ने ही विपुल का धर्म परिवर्तन कराया और कासिफ की बहन से उसकी शादी कराई। गाजियाबाद में कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया, इसका पता लगाया जा रहा है।- अमित पाठक, एसएसपी
ऐसे जुड़े तार
दो जून को डासना देवी मंदिर में कासिफ और रमजान घुसते हुए पकड़े गए। रमजान ने अपना नाम विपुल बताया था, कासिफ ने काशी । रजिस्टर में ये ही नाम लिखे थे। बोलचाल के लहजे से कासिफ पर मंदिर के सेवादारों को शक हुआ। इनकी तलाशी ली गई तो रमजान के पास ब्लेड मिले।
2. महंत का आरोप, हत्या के लिए आए थे रमजान और कासिफ
महंत ने आरोप लगाया कि रमजान और कासिफ उनकी हत्या करने के लिए आए थे। पुलिस पूछताछ में इसकी पुष्टि नहीं हुई। रमजान ने बताया कि वह फिजियोथेरेपी करता है, इसमें सर्जिकल ब्लेड की जरूरत पड़ती है। वह हमेशा ब्लेड अपने साथ रखता है । पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी धोखाधड़ी की धारा में की थी।
3. कासिफ के खुद को काशी बताने से हुआ शक
कासिफ ने मंदिर के गेट पर रखे रजिस्टर में अपना नाम काशी गुप्ता लिखा था। पूछताछ में इसका राज खुला तो उस पर शक हुआ। उसने बताया कि मंदिर के गेट पर लिखा है, मुस्लिमों को प्रवेश नहीं मिलेगा, इसलिए उसने रजिस्टर में काशी नाम लिखा ताकि उसे प्रवेश मिल जाए । विपुल ने बताया कि रमजान बनने से पहले उसका नाम विपुल था, इसलिए उसने विपुल ही लिखा।
4. रमजान ने दी धर्मांतरण की जानकारी
रमजान ने पुलिस को बताया कि उसका धर्मांतरण सलीमुद्दीन ने कराया तो पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को इस मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए कहा। इसके बाद सलीमुद्दीन को पकड़ लिया। उससे पूछताछ की गई। उसके इंस्टीट्यूट में जाकर पड़ताल की।
5. सलीमुद्दीन के मोबाइल में मिले जहांगीर और उमर के नंबर
पुलिस ने सलीमुद्दीन की कॉल डिटेल निकलवाई तो इसमें जहांगीर और उमर के नंबर मिले। इनके बारे में जानकारी की तो पता चला कि ये धर्मांतरण का रैकेट चलाते हैं। एटीएस इनकी तलाश में जुट गई। दिल्ली से इनके पकड़े जाते ही खुलासा हो गया।
मैंने किसी का जबरन धर्मांतरण नहीं कराया : सलीमुद्दीन
साथ ही विपुल विजयवर्गीय को उकसाकर डासना देवी मंदिर भेजने के आरोप को भी निराधार बताया। सलीमुद्दीन ने कहा कि विपुल अपनी मर्जी से मंदिर गया था।
उसने कहा कि अगर किसी ने धर्म परिवर्तन किया होगा तो वह अपनी मर्जी से और संवैधानिक तरीके से किया होगा। विपुल विजयवर्गीय का धर्म परिवर्तन कराने के सवाल पर कहा कि उसने भी अपनी मर्जी से धर्मांतरण किया था।