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मुरादनगर श्मशान घाट हादसा: भैया मुझे बचा लो...मैं श्मशान घाट में दब गया हूं, मलबे में दबे 14 साल के अंश ने भाई को किया था फोन
Wed, 06 Jan 2021 12:43 PM IST
शाहरुख खान
राजीव शर्मा, अमर उजाला, गाजियाबाद
राजीव शर्मा, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 06 Jan 2021 12:43 PM IST
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मुरादनगर श्मशान घाट हादसा
- फोटो : अमर उजाला
भैया जल्दी आ जाओ, मुझे बचा लो, श्मशान माट की छत गिर गई है। मैं अंदर दबा हुआ हूं...। ये शब्द 14 साल के उस किशोर अंश आर्य श्मशान घाट के गलियारे की छत गिरने से मलबे में दब गया था। मलबे में दबे अंश ने वहीं से अपने चचेरे भाई को फोन किया और थोड़ी ही देर में उसके परिजन श्मशान घाट पहुंच गए। करीब 35 मिनट बाद अंश को बाहर निकाला जा सका। बदहवास अंश का उस समय का आडियो उसके भाई के फोन में अभी भी मौजूद है।
घायल अंश
- फोटो : अमर उजाला
बंदायू में तैनात यूपी पुलिस के दरोगा यशपाल आर्य का 14 साल का बेटा अंश आर्य भी बोते रविवार को पड़ोसी जयराम के अंतिम संस्कार में पहुंचा था। अंश ने बताया कि अंतिम संस्कार करने के बाद हम सभी लोग वापस घर लौटने वाले थे। जयराम के परिजन गलियारे के बाहर लगे हैंडपंप पर हाथ धो रहे थे। बाकी लोग गलियारे में इकट्ठा हो गए थे। हल्की-हल्की बारिश हो रही थी।
मुरादनगर श्मशान घाट में हुआ भयावह हादसा 24 की गई जान
- फोटो : अमर उजाला
बारिश का पानी छत से टपक रहा था। लोगों के गलियारे में इकट्ठा होने के तीन से चार मिनट बाद ही बादल के गरजने जैसी आवाज आई और छत हिलने लगी। कुछ लोग बाहर भागे और लेकिन बीच में खड़े होने की वजह से हम गलियारे से बाहर नहीं निकल पाए।
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मुरादनगर श्मशान घाट में हुआ भयावह हादसा 24 की गई जान
- फोटो : अमर उजाला
जब तक हम बाहर निकल पाते, तब तक पूरी छत भरभराकर गिर गई और हम सब (करीब 50 लोग) लिंटर के नीचे दब गए। अंश बताता है कि मैं एक बाइक के पास गलियारे में खड़ा था। लिंटर का बोझ बाइक पर आ गया। मुझे थोड़ी जगह खाली मिल गई।
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muradnagar accident
- फोटो : अमर उजाला
मैंने फोन निकाला और अपने भाई अभिषेक कॉल कर लिंटर गिरने की जानकारी दी। जब तक मैं मलबे में ही खिसक-खिसककर करीब पांच फीट बाहर की ओर पहुंच गया था। वहां से मुझे छोटी सी जगह में से एक आदमी का पैर दिखाई दे रहा था। मैं चिल्लाया, मुझे बाहर निकालो। करीब 35 मिनट बाद उसे बाहर निकाला जा सका।