गाजियाबाद के साहिबाबाद में दर्दनाक घटना के बाद भारत सिटी सोसायटी के टॉवर बी-1 के पीछे बने पार्क में सोसायटी के लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बच्चों को कभी घर से बाहर खेलते या सोसायटी में अन्य बच्चों से मिलते-जुलते नहीं देखा। परिवार वाले भी किसी से बातचीत नहीं करते थे। लोगों ने मोबाइल और बच्चों से माता-पिता की दूरी को हादसे की वजह भी बताया।
घटनास्थल पर मौजूद सोसायटी के सह सचिव राहुल कुमार झा ने बताया कि करीब तीन वर्ष से चेतन कुमार परिवार के साथ यहां रह रहे हैं। इस दौरान कभी भी बच्चों को स्कूल जाते या खेलते-कूदते नहीं देखा गया।
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एंबुलेंस में शव को लेकर जाते लोग
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सोसायटी के ही उपाध्यक्ष अजय कसाना ने बताया कि कोरोना काल के बाद से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे थे। पास में ही किसी कोचिंग में बच्चों के जाने की बात सामने आई, लेकिन किस कोचिंग में जा रहे थे यह किसी को जानकारी नहीं है।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस
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एक ही कमरे में बिताती थीं अधिकतर समय
सोसायटी में ही रहने वाली ज्योति कसाना ने बताया कि तीनों बहनों ने कमरे की दीवारों पर अलग-अलग कटिंग लगा रखी थीं। उसी कमरे में तीनों अधिकतर समय बिताती थीं। ये बातें उन्हें हादसा होने के बाद पता चलीं। उन्होंने कहा कि बच्चे इस उम्र में गलत आदतों और लतों में शामिल हो जाते हैं। एकदम से उठाया कोई कदम जैसे कि डांट या मोबाइल छीनना, बच्चों की मानसिक स्थिति पर क्या असर डालेगा, इस बारे में कोई सोच भी नहीं सकता।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या
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जब तक शोर मचा पाते तीनों नीचे गिर गईं
बी-1 टॉवर के ठीक सामने की बिल्डिंग में पांचवीं मंजिल पर रहने वाले अरुण व अपर्णा ने बताया कि देर रात वह खाना खाने के बाद फ्लैट की बालकनी में टहल रहे थे। इस दौरान खिड़की पर एक लड़की को उन्होंने बैठे देखा।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या
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बताया कि एक लड़की खिड़की की तरफ पीठ करके बैठी थी और बाकी दो लड़कियां उसके हाथ से चिपकी हुई थीं, मानों उसे रोकने का प्रयास कर रही थीं। जब तक वह शोर मचा पाते या लोगों को एकत्र कर सकते, तब तक तीनों नीचे गिर गईं।