गाजियाबाद डकैती: बदमाशों को पता था कहां रखा है कैश, सिर्फ उसी पर हाथ डाला, पिस्टल को हाथ तक नहीं लगाया
इमरान नाम पुकारकर खुलवाया था गेट
पीड़ित परिवार के मुताबिक मकान के मेन गेट के बाद घर में एंट्री करने के लिए एक दूसरा दरवाजा भी है। बदमाश किसी तरह मेन गेट से अंदर आ गए लेकिन घर में घुसने के लिए दूसरा दरवाजा उनके लिए चुनौती था। इसके लिए बदमाशों ने कारोबारी छोटे खां के तहेरे भाई इमरान का नाम पुकारा। घर में मौजूद छोटे खां के भतीजे शाहरुख ने गेट खोलते हुए इमरान के गांव में होने की बात कही ही थी कि बदमाशों ने उसे गन प्वाइंट पर ले लिया। पिस्टल की नोक पर बदमाश शाहरुख को कमरे में ले गए। जहां सभी परिजनों को बंधक बना दिया।
असली पिस्टल है, शोर मचाया तो जान से मार देंगे
बदमाशों की धमकी से कारोबारी का परिवार दहशत में आ गया था। बदमाशों ने परिवार के लोगों को पिस्टल दिखाते हुए कहा कि यह असली है। अगर शोर मचाया तो जान से मार दिए जाओगे। बदमाशों ने परिवार के लोगों से अलमारियों की चाबी मांगी। चाबी न होने का हवाला देने पर बदमाश मकान की तीनों मंजिलों पर टूट पड़े और अलमारियों के लॉक तोड़कर कैश और जेवर लूट लिए।
जिस तरीके से बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया उससे साफ जाहिर है कि उन्हें पहले से पता था कि घर में मोटा कैश रखा है। तीन मंजिला मकान के छह मुख्य कमरों में बदमाशों ने उसी कमरे का दरवाजा तोड़ा, जिसमें कैश रखा था। पुलिस का कहना है कि मंगलवार को ही कारोबारी के घर मोटा कैश आया था। इसके अलावा कारोबारी का किराएदार बुधवार को शामली में शादी समारोह में चला गया। इसी बीच डकैती का होना तमाम सवाल पैदा कर रहा है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
दराज में रखी पिस्टल को छोड़ गए बदमाश
मकान के प्रथम तल पर ही कारोबारी छोटे खां की एक अलमारी है। उसमें उनकी लाइसेंसी पिस्टल भी रखी हुई थी। बदमाशों ने अलमारी को खंगाल डाली, लेकिन पिस्टल को हाथ तक नहीं लगाया। डकैती के दौरान बदमाशों का यह व्यवहार भी पुलिस के गले नहीं उतर रहा है। एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि घटना को लेकर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही कोई गुरु मिलने का अंदेशा है।
घटना में कोई न कोई करीबी शामिल
घटना में किसी जानकार का हाथ होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि छोटे खां ने एक प्लॉट का सौदा कराया था। जिसकी रकम उनके घर में रखी हुई थी। इसके अलावा उनके किराएदार के घर में मोटी रकम रखे होने की जानकारी भी बदमाशों को थी। जिस तरीके से बदमाशों ने अलमारियों के लॉक तोड़कर कैश लूटा, उससे प्रतीत होता है कि बदमाश पूरी जानकारी के साथ आए थे। पुलिस का मानना है कि कैश के बारे में जानकारी कारोबारी के ही किसी खास व्यक्ति ने दी है।