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ऊंची इमारत-छोटे दिल: कलेजे के टुकड़े को बचाने के लिए बिलखती रही मां, मदद के लिए आगे नहीं आया कोई पड़ोसी
Thu, 26 Aug 2021 11:36 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 26 Aug 2021 11:36 AM IST
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ghaziabad Gaur Homes Society
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के गोविंदपुरम के गौर होम्स में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिससे हर कोई सदमे में है। दरअसल यहां बुधवार दिन में एक 12 साल की बच्ची की 9वीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद गौर होम्स सोसायटी में मातम छाया है। स्थानीय लोग गमजदा माता-पिता को ढांढस बंधा रहे थे।
ghaziabad Gaur Homes Society
- फोटो : अमर उजाला।
कुत्ता निकालने के चक्कर में वह नीचे गिर गई। साथ में कुत्ता भी नीचे गिर गया। बच्ची की चीख सुन सोसायटी के गार्ड और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बच्ची की मां व सोसायटी के लोग उसे सर्वोदय अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में कुत्ते की भी मौत हो गई है।
ghaziabad Gaur Homes Society
- फोटो : अमर उजाला।
आधा घंटे तक तड़पती रही बच्ची
ललित ने बताया कि उनकी बेटी आधा घंटे तक जमीन पर तड़पती रही। पत्नी उसे अस्पताल ले जाने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली तो वह दफ्तर से दौड़ पड़े।
ललित ने बताया कि उनकी बेटी आधा घंटे तक जमीन पर तड़पती रही। पत्नी उसे अस्पताल ले जाने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली तो वह दफ्तर से दौड़ पड़े।
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ghaziabad Gaur Homes Society
- फोटो : अमर उजाला।
रास्ते में आते समय उन्होंने अपने जानकारों को भेज दिया था, जो बेटी को अस्पताल ले गए। ललित मोहन शर्मा का कहना है कि अगर बेटी को तत्काल उपचार मिल जाता तो शायद उनकी बेटी बच जाती।
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गाजियाबाद के गोविंदपुरम में बच्ची की
- फोटो : अमर उजाला
कलेजे का टुकड़ा जिगर के टुकड़े के साथ विदा
लोगों ने बताया कि पालतू कुत्ते में ज्योत्सना की जान बसती थी। खाली टाइम में वह उसके साथ ही रहती थी। दर्दनाक हादसे में दोनों की एक साथ मौत होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ज्योत्सना के माता-पिता ने बिलखते हुए कहा कि उनका कलेजे का टुकड़ा अपने जिगर के टुकड़े के साथ विदा हो गया।
लोगों ने बताया कि पालतू कुत्ते में ज्योत्सना की जान बसती थी। खाली टाइम में वह उसके साथ ही रहती थी। दर्दनाक हादसे में दोनों की एक साथ मौत होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ज्योत्सना के माता-पिता ने बिलखते हुए कहा कि उनका कलेजे का टुकड़ा अपने जिगर के टुकड़े के साथ विदा हो गया।