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गाजियाबाद हादसा: आठ बहनों का इकलौता भाई था अमित, प्रवेश की होनी थी शादी
Tue, 07 Jan 2020 11:49 AM IST
शाहरुख खान
योगेंद्र सागर, अमर उजाला, गाजियाबाद
योगेंद्र सागर, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 07 Jan 2020 11:49 AM IST
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गाजियाबाद में सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
रविवार रात मुरादनगर में मेरठ-दिल्ली रोड पर हुए भीषण हादसे के बाद पांच परिवारों में कोहराम मच गया। मोर्चरी पहुंचे परिजनों की चीत्कार हादसे की भयावहता बयां कर रही थीं। मोर्चरी पर मौजूद लोगों का कलेजा उस वक्त हिल गया, जब पता चला कि मरने वालों में शामिल अमित आठ बहनों का इकलौता भाई था। वहीं, प्रवेश के परिजन उसके लिए लड़की देख रहे थे। इस साल उसकी शादी करनी थी।
अमित की मौत के बाद उसके चाचा को सांत्वना देते दरोगा
- फोटो : अमर उजाला
रविवार रात करीब 2 बजे मुरादनगर में वर्धमानपुरम पुलिस चौकी के पास हादसे के दौरान ट्रॉली में बैठे सातों मजदूर सहारनपुर निवासी ठेकेदार नसीम अहमद के पास काम करते थे। हादसे में पांच की मौत के बाद सोमवार सुबह परिजन रोते-बिलखते हिंडन किनारे स्थित मोर्चरी पहुंच गए। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। अमित के परिजनों ने बताया कि वह आठ बहनों का इकलौता भाई था। 9 भाई-बहनों में छठे नंबर का था। गत 30 नवंबर को उसकी पांचवें नंबर की बहन की शादी हुई थी। शादी के बाद वह काम पर आ गया था।
अमित कुमार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को अमित को जाना था घर, लेकिन लाश पहुंची
परिजनों के मुताबिक काफी दिन होने के कारण बहनें व अन्य परिजन अमित को घर बुला रहे थे। रविवार को उसने घर फोन करके सोमवार को आने की बात कही थी। लेकिन रविवार रात हुए हादसे में उसकी मौत हो गई और सोमवार उसकी बजाय उसकी लाश घर पहुंची। उसे देख बहनों व अन्य परिजनों में कोहराम मच गया
परिजनों के मुताबिक काफी दिन होने के कारण बहनें व अन्य परिजन अमित को घर बुला रहे थे। रविवार को उसने घर फोन करके सोमवार को आने की बात कही थी। लेकिन रविवार रात हुए हादसे में उसकी मौत हो गई और सोमवार उसकी बजाय उसकी लाश घर पहुंची। उसे देख बहनों व अन्य परिजनों में कोहराम मच गया
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प्रवेश कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इस साल प्रवेश की होनी थी शादी
प्रवेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। सात माह पहले मां की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। बड़ा भाई परिवार के साथ अलग रहता है, जबकि प्रवेश छोटे भाई व पिता के साथ रहता था। पिता मजदूरी करते हैं। परिजनों ने बताया कि मां की मौत होने के कारण घर में रोटी व चौका-बर्तन के लिए इस साल प्रवेश की शादी करनी थी। कई जगह से उसके रिश्ते की बात चल रही थी।
प्रवेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। सात माह पहले मां की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। बड़ा भाई परिवार के साथ अलग रहता है, जबकि प्रवेश छोटे भाई व पिता के साथ रहता था। पिता मजदूरी करते हैं। परिजनों ने बताया कि मां की मौत होने के कारण घर में रोटी व चौका-बर्तन के लिए इस साल प्रवेश की शादी करनी थी। कई जगह से उसके रिश्ते की बात चल रही थी।
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दुर्गेश की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले ही भतीजे के साथ आया था दुर्गेश
दुर्गेश के परिवार में पत्नी सोनम के अलावा 3 वर्षीय बेटी व 7 माह का बेटा है। कड़ाके की ठंड के चलते दुर्गेश अपने भतीजे प्रवेश के साथ गांव चला गया था। दो दिन पहले ही दोनों काम पर लौटे थे। मुरादनगर में हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई।
दुर्गेश के परिवार में पत्नी सोनम के अलावा 3 वर्षीय बेटी व 7 माह का बेटा है। कड़ाके की ठंड के चलते दुर्गेश अपने भतीजे प्रवेश के साथ गांव चला गया था। दो दिन पहले ही दोनों काम पर लौटे थे। मुरादनगर में हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई।