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गाजियाबाद: चार साल में इस बार सबसे प्रदूषित रही दिवाली की रात, घर के अंदर भी घुट रहा था लोगों का दम
Mon, 16 Nov 2020 10:56 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 16 Nov 2020 10:56 AM IST
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दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण
- फोटो : ANI
एनजीटी के दिल्ली एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश का असर गाजियाबाद में देखने को नहीं मिला। दिवाली पर गाजियाबाद में जमकर पटाखे जले। आसमान मे धुएं की चादर बिछ गई। नतीजा ये हुआ कि शहर का एक्यूआई बढ़कर 448 पर पहुंच गया। जो मानकों से साढ़े चार गुना अधिक था। पिछले चार वर्षों में इस बार दिवाली के अगले दिन शहर का एक्यूआई सबसे अधिक रहा।
दिवाली की रात जले पटाखे
- फोटो : अमर उजाला
दिवाली की रात पीएम दस और पीएम 2.5 का स्तर मानकों से कई गुना अधिक रहा। सीपीसीबी के आंकड़े देखे जाएं तो पीएम दस का स्तर करीब 9 गुना तो पीएम 2.5 का स्तर 15 गुना अधिक दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। देश का सबसे प्रदूषित शहर जींद रहा। यहां पर एक्यूआई 457 दर्ज किया गया।
दिवाली पर जलाए गए पटाखों का कचरा
- फोटो : अमर उजाला
इस बार एनजीटी ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद भी गाजियाबाद शहर में जमकर पटाखे जले। रात 9 बजे के बाद शुरू हुई आतिशबाजी देर रात तक चली। इसके चलते रात करीब 10:30 बजे आसमान में पटाखों का धुआं छा गया। सीपीसीबी के आंकड़ों की मानें तो आतिशबाजी से शनिवार को पीएम-10 का स्तर करीब 9 गुना तो पीएम 2.5 का स्तर करीब 15 गुना अधिक तक जा पहुंचा।
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दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण
- फोटो : ANI
पटाखे जलने शुरू हुए तो पीएम दस और पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने लगा। जो रात करीब 10 से 12 बजे तक अधिकतम पर जा पहुंचा। इंदिरापुरम इलाके में दिवाली की रात पीएम 10 का स्तर 961 तक जा पहुंचा, जबकि पीएम 2.5 का स्तर 686 तक गया। लोनी में पीएम दस 922 और पीएम 2.5 का स्तर 890 दर्ज किया गया। वहीं, संजय नगर में पीएम दस और पीएम 2.5 का स्तर 930 और 861 दर्ज किया गया। वसुंधरा में पीएम दस का स्तर 870 जबकि पीएम 2.5 का स्तर 808 रहा।
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दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण
- फोटो : ANI
सीपीसीबी के आंकड़े देखे जाएं तो पिछले वर्ष के मुकाबले दिवाली के अगले दिन शहर का एक्यूआई ज्यादा रहा। पिछले वर्ष दिवाली के अगले दिन शहर का एक्यूआई 393 था जबकि इस वर्ष 448 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि लोगों ने जमकर पटाखे जलाए। जिसकी वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। हालांकि रविवार शाम को हुई बारिश ने प्रदूषण के स्तर को कम कर दिया। जिससे लोगों को राहत मिली।