जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल शुक्रवार यानी एक नवंबर से भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को अपने भारत प्रवास के दूसरे दिन एंजेला मर्केल ने बड़ी घोषणा करते हुए भारत में एक बिलयन यूरो(करीब 8 करोड़ रुपये) का निवेश करने की घोषणा की है। जर्मनी यह निवेश भारत में हरित परिवहन के लिए करेगा। दरअसल जर्मनी भारत को ई-रिक्शा और ई-बसों जैसे उत्पादों को मुहैया कराने में यह निवेश करने वाला है। इसी सिलसिले में एंजेला मर्केल आज दिल्ली के द्वारका सेक्टर-21 में ई-रिक्शा संचालकों से मिलीं।
दिल्लीः ई-रिक्शा संचालकों से कुछ यूं मिलीं जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, देखें तस्वीरें
एंजेला ने ई-रिक्शा संचालकों से दिल्ली की स्थिति के बारे में बात की। साथ ही ई-रिक्शा के बारे में भी बात की। यह संयोग ही है कि जिस समय एंजेला मर्केल दिल्ली आई हैं उस वक्त राजधानी प्रदूषण के मामले में सबसे बुरे हालात से गुजर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एंजेला ने शनिवार को अपने संबोधन में कहा कि भारत और जर्मनी पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे, जिसके लिए जर्मनी एक बिलियन यूरो का निवेश करने वाली है।
मर्केल ने ये भी बताया कि जर्मनी तमिलनाडु में बस सेक्टर में भी 200 मिलियन यूरो का निवेश करेगा। दिल्ली के प्रदूषण पर बोलते हुए मर्केल ने कहा कि प्रदूषण की भयावहता को देखते हुए यह अच्छा रहेगा कि हम डीजल की जगह इलेक्ट्रिक बसों को रिप्लेस कर दें।
आतंक के खिलाफ जंग में भारत-जर्मनी साथ-साथ, 20 समझौतों पर दस्तखत
5 साझा सहयोग के घोषणापत्राें पर भी हुए करार
दो दिवसीय दौरे पर भारत आईं जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आतंकवाद और उग्रवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए जर्मनी ने और ज्यादा सहयोग का भरोसा दिया है। दोनों देश आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक-दूसरे का साथ देंगे। अपने द्विपक्षीय रिश्तों और सहयोग को और भी ज्यादा मजबूत करेंगे। वहीं, विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और जर्मनी के बीच कृषि, समुद्री तकनीक, आयुर्वेद और योग समेत 20 समझौतों पर दस्तखत हुए। मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन समझौतों के अलावा पांच साझा सहयोग के घोषणापत्रों पर भी करार हुए।
जिन समझौतों पर दस्तखत हुए हैं, उनमें अंतरिक्ष, उड्डयन, नौसेना तकनीक, चिकित्सा, शिक्षा, रक्षा, तकनीक, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन करार के बाद पीएम मोदी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 2022 में स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा। तब तक हमने नए भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य के लिए जर्मनी की क्षमताएं उपयोगी होंगी। उन्होंने कहा, स्मार्ट सिटी, इनलैंड वाटरवेज, नदियों की सफाई और पर्यावरणीय क्षेत्र में सहयोग का फैसला लिया गया है।