गाजीपुर लैंडफिल साइट पर ताजे कचरे का बोझ प्रतिदिन बढ़ रहा है। ताजे कचरे के निपटान के लिए यहां छह महीने से बंद पड़े वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को जून में दोबारा शुरू किया गया। लेकिन यह अपनी पूरी छमता से काम नहीं कर रहा। प्रतिदिन इसकी 1300 मीट्रिक टन कचरा खपत करने में सक्षम है, लेकिन यह प्रतिदिन 700-1000 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा निपटान नहीं कर पाया है। इस तरह दिल्ली नगर निगम के सामने नवम्बर 2023 तक गाजीपुर लैंडफिल साइट को खत्म करने की बड़ी चुनौती है।
Delhi: कैसे घटेगा गाजीपुर में कूड़े का पहाड़, जब रोजाना बढ़ रहा कचरे का बोझ
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Sat, 06 Aug 2022 06:50 AM IST
सार
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के पदभार संभालने के बाद दिल्लीवासियों में लैंडफिल साइटों के खत्म होने की उम्मीद बढ़ी है। उपराज्यपाल ने मई से अब तक दो बार गाजीपुर लैंडफिल साइट का दौरा किया। तीनों साइटों को नवम्बर 2023 तक समाप्त करने के लिए एमसीडी को निर्देश दिया है।
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