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चार साल बाद भी निर्भया की मां नहीं देना चाहती अपनी बेटी को श्रद्घांजलि क्योंकि...

Mon, 16 Jan 2017 11:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Jan 2017 11:31 AM IST
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four years on, nirbhaya mother and family still waiting for justice
nirbhaya

राजधानी में निर्भया को श्रद्धांजलि देने का दौर शुरू हो गया है, लेकिन उसके घर में सन्नाटा पसरा है। मां अपनी बेटी को याद करते हुए आंखों से बस आंसू बहाती है। सिसकते हुए मां बस इतना ही कह पाती हैं कि दुनिया भर में मेरी बच्ची को 16 दिसंबर को श्रद्धांजलि दी जाएगी पर हम तो वो भी नहीं कर सकते।

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nirbhaya

बिटिया की फोटो के आगे खड़े होने पर एक अपराध बोध होता है कि चौथी बरसी के बाद भी दरिंदे जिंदा हैं। हर सांस और पल यह दर्द होता है कि बिटिया को इंसाफ नहीं दिला सके। यदि पूरा इंसाफ मिला होता, तो लोगों की तरह मुनिरका के उसी बस स्टॉप पर जाकर श्रद्धांजलि देते।

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nirbhaya

अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि परिवार पुराने घर से राजधानी की एक सोसायटी में शिफ्ट हो चुका है। हालांकि शुक्रवार को परिवार अपने पुराने घर जाएगा। मां कहती है कि हमें विश्वास है कि बिटिया कल हमसे मिलेगी।

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उस घर में उसकी बचपन की यादें हैं। पिता और दोनों भाई भी खामोशी से बैठे हुए थे। भाई कहते हैं कि राखी से लेकर भाई दूज व दिवाली पर बहन की बेहद याद आती है।

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दीदी होती, तो शायद जिंदगी कुछ अलग होती। बेशक सरकार ने घर और पैसा दे दिया, लेकिन बदले में खुशियां छीन ली। दीदी के आगे हर चीज बेमानी है।

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