आपने हमेशा यही सुना होगा कि यमराज मौत के देवता हैं और लोगों को अपने साथ लेकर जाते हैं लेकिन एक जगह ऐसी थी जहां की सड़कों पर यमराज लोगों की जान बचाने के लिए उतरे।
जान लेने नहीं यहां की सड़कों पर जान बचाने के लिए खुद उतरे यमराज
कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के डीजीपी के आदेश के बाद गुरुग्राम की 80 फीसदी पुलिस उतरी सड़क पर। शराब पीकर वाहन चलाने वाले और अवैध हथियार लेकर घूमने वालों की रही सामत। तीनों जोन में तीस से अधिक नाके 1000 से अधिक पुलिस सड़क पर दिखी।
पूरी तरह से छावनी में तब्दील हो गई थी साइबर सिटी सिटी की सड़कें। इस दौरान यमराज बन कर सांकेतिक व्यक्ति खड़ा हुआ था। जो इस बात का संदेश दे रहा था कि यदि ट्रैफिक नियम में लापरवाही की तो सीधे उनके पास पहुंच जाओगे। पेश है अमर उजाला संवाददाता मयंक तिवारी और फोटोजर्नलिस्ट दिनेश कुमार की रिपोर्ट।
स्थान:कापसहेड़ा बार्डर
दिल्ली-बार्डर पर वाहन सरपट निकल रहे हैं। यहां पर दोनों ओर किसी तरह का नाका नहीं है। आगे निकल कर टीम दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस वे पर पहुंचती है। जहां पर एंबियंश मॉल के सामने पुलिस चौकी पर ताला मिला।
समय: रात 11 बजे
स्थान: आया नगर दिल्ली-बार्डर
यहां पर दिल्ली की ओर निकलने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। अमर उजाला की टीम को देखते हुए नाके पर खड़े जवान गंभीर मुद्रा में आ गये। यहां से गुजरने वाले वाहनों की भीतर की लाइट जलवा कर आदमी को देखने का प्रायस भी किया जा रहा था।
समय:रात 11:30 बजे
स्थान सहारा मॉल के सामने
नाके पर चंडीगढ़ नंबर की एक कार रुकी हुई है। जिसमें बैठे लोगों की जांच की जा रही है। यहां पर तैनात टीम के पास शराब पीकर वाहन चलाने वाली जांच के लिए एल्कोमीटर मशीन उपलब्ध है। नाके पर उस समय तक 11 लोगों का शराब पीकर वाहन चलाने वालों का चालान किया गया।