फिल्म और सीरियल देख बनाया स्कूल में किडनैपिंग का प्लान
दीपक ने पुलिस हिरासत में बताया कि ‘सावधान इंडिया’ सीरियल वह अक्सर देखता था। सीरियल देखकर उसे आइडिया आया कि पुलिस से कैसे बचा जा सकता है। इसीलिए उसने स्कूल से 15 किलोमीटर दूर जाकर फिरौती के लिए जयकरण के मोबाइल से ही फोन किया था। अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ से उसने सीख ली कि कैसे फर्जी गवाह तैयार किए जाते हैं। (सभी फोटो : अमर उजाला, गाजियाबाद)
फिल्म और सीरियल देख बनाया स्कूल में किडनैपिंग का प्लान
फिल्म की तर्ज पर उसने कविनगर सी-ब्लाक में बर्गर वाले और चाऊमीन वाले को जयकरण की फोटो बार-बार दिखाकर गवाह बना लिया कि जयकरण उनकी रेहड़ी पर दो दोस्तों के साथ आया था, बर्गर और चाऊमीन वालों ने पुलिस को भी यही बयान दिया था, मगर वहां एक मकान में सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिससे पोल खुल गई कि जयकरण वहां नहीं आया था।
फिल्म और सीरियल देख बनाया स्कूल में किडनैपिंग का प्लान
फिरौती मिलती या न मिलती, लेकिन अपहर्ता जयकरण की हत्या कर देते। दरअसल, जयकरण दीपक को जानता था, इसलिए सोमवार शाम को स्कूल के सर्वेंट रूम में गला घोंटकर उसे मारा जाता और शव हरिद्वार के जंगल में फेंका जाता। हरिद्वार में शव फेंकने का आइडिया बिट्टू का था, जो पहले हरिद्वार में स्टेशन पर पन्नी बेचता था। हरिद्वार पुलिस ने शांतिभंग में उसे जेल भी भेजा था। यह खुलासा अपहर्ताओं ने पुलिस पूछताछ में किया है।
फिल्म और सीरियल देख बनाया स्कूल में किडनैपिंग का प्लान
जयकरण के अपहर्ताओं ने बताया कि वह बेरोजगार थे, फिरौती में मोटी रकम लेकर वह ऐश से जिंदगी जीना चाहते थे। संदीप (सीएफए) चार्टेड फाइनेंसियल एनालिसिस की कोचिंग कर रहा था। एसपी सिटी अजयपाल शर्मा ने बताया कि हरिद्वार में दीपक का कथित चाचा को भी साजिश में शामिल किया गया था, इसलिए वह भी आरोपी बनाया गया है।
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इसके अलावा साजिश में शामिल दीपक की पत्नी फरार है। नशे का इंजेक्शन साहिबाबाद के एक युवक से खरीदा गया था, उसकी तलाश है। अपहर्ताओं ने दो पिस्टल मोदीनगर के एक बदमाश से 80 हजार रुपये में तीन माह पहले खरीदी गई थी। उसे भी आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया जाएगा। एसओ ने बताया कि संदीप सर्वोदय अस्पताल में भर्ती था, डॉक्टरों से अनुमति पर उसे,दीपक और बिट्टू को मंगलवार को जेल भेज दिया।