डर से चार परिवारों ने छोड़ा प्रदेश, घरों पर लटक रहा ताला
गवाहों की सुरक्षा में गौतमबुद्धनगर पुलिस के ढील बरतने और अनिल दुजाना गैंग की ओर से मिल रही जान से मारने की धमकियों के खौफ में चार परिवारों ने राज्य ही छोड़ दिया है। जुनपत गांव में 16 जून 2015 को घर के बाहर बैठे पूर्व जेई राजकुमार शर्मा और उनके गनर नितिन वर्मा की ताबड़तोड़ 40 गोलियां चलाकर हत्या कर दी गई थी।
डर से चार परिवारों ने छोड़ा प्रदेश, घरों पर लटक रहा ताला
राजकुमार के बेटे अरुण ने अमर उजाला को बताया कि डबल मर्डर के बाद उनके और जुनपत गांव निवासी भाई अशोक शर्मा, अनिल शर्मा और ग्रेटर नोएडा के डेल्टा में रहने वाले जय कुमार शर्मा के परिवार के लिए पांच पुलिसकर्मी, एक एसआई की गारद समेत पीएसी के आठ से दस जवान स्वचालित हथियारों के साथ सुरक्षा में लगाए गए थे।
डर से चार परिवारों ने छोड़ा प्रदेश, घरों पर लटक रहा ताला
अक्तूबर में पीएसी और एसआई समेत तीन सुरक्षाकर्मी हटा लिए गए। केवल दो सुरक्षाकर्मी उनके घर पर मौजूद थे। अचानक हटाई गई सुुरक्षा से चारों परिवार खौफ में थे। इस दौरान उन्हें आरोपियों के पक्ष में गवाही देने का दबाव मिलता रहा। परिवार को एके-47 और बम से उड़ाने की धमकी मिलने लगी।
डर से चार परिवारों ने छोड़ा प्रदेश, घरों पर लटक रहा ताला
इसके बाद राजकुमार शर्मा के बेटे कुलदीप, अजीत, अरुण अपने परिवार के साथ 15 नवंबर और अशोक शर्मा, अनिल शर्मा और जय शर्मा ने 19 नवंबर तक प्रदेश ही छोड़ दिया। अरुण ने आरोप लगाया कि उन्होंने पीएसी समेत अन्य सुरक्षा हटने के बाद चौकी इंचार्ज, थाना प्रभारी सूरजपुर, एसपीआरए और एसएसपी से मुलाकात कर सुरक्षा न हटाने की गुहार लगाई थी। इस दौरान उन्होंने जान का खतरा भी बताया था, लेकिन आला अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी।
डर से चार परिवारों ने छोड़ा प्रदेश, घरों पर लटक रहा ताला
जुनपत गांव में चारों परिवारों का कुनबा बेहद प्रभावशाली और आर्थिक स्थिति से मजबूत माना जाता रहा है। अरुण ने बताया कि ग्रेटर नोएडा साइट बी में फैक्ट्री, कुछ शोरूम आदि थे। खौफ के कारण सभी का घर से निकलना लगभग बंद हो गया था जिससे कामकाज ठप हो गया था। सभी परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा था। स्कूल से बच्चों को उठा लेने की भी धमकी दी जा रही थी।