आयकर विभाग द्वारा काले धन के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के तहत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर विभाग ने छापा मारा है। जानें लालू यादव से जुड़े विवादों के बारे में...
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने पिछले दो महीने में लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेज प्रताप यादव तथा तेजस्वी यादव पर एक शॉपिंग माल का निर्माण, 90 लाख के मिट्टी घोटाले के अलावा लालू प्रसाद पर लोकसभा-विधानसभा का टिकट देने, नौकरी देने, मंत्री बनाने या अन्य उपकार के बदले कई संपत्ति गिफ्ट के तौर पर लेने तथा उनकी बेटी मीसा भारती पर दिल्ली में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का सिलसिलेवार आरोप लगाया गया है।
7 मई, 2017 को एक निजी अंग्रेजी समाचार चैनल पर लालू प्रसाद और जेल में बंद पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के बीच बातचीत का कथित ऑडियो टेप भी सामने आया था। इसके बाद बिहार सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे।
सुशील मोदी के अनुसार वर्ष 2008 में जल संसाधन मंत्री रहे ललन सिंह ने तत्कालीन रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाया था कि रेलवे के रांची और पुरी के दो होटलों को होटल सुजाता के हर्ष कोचर के हाथों गलत तरीके से बेच दिया गया था।
इसके बदले में हर्ष कोचर ने पटना में दो एकड़ जमीन डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्रा. लि. को एक ही दिन में 10 निबंधन द्वारा ट्रांसफर कर दी गई थी। जून, 2014 में इस कंपनी में तेजस्वी, तेज प्रताप और चंदा यादव को निदेशक बना दिया गया।