फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दवा-जांच से अस्पतालों को कमाते तो सुना होगा, क्या आप जानते हैं मरीजों के 'मल' से भी होती है कमाई

Tue, 27 Feb 2018 01:37 PM IST
परीक्षित निर्भय/अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Feb 2018 01:37 PM IST
विज्ञापन
exclusive: government hospitals earning big money from patients poop, icu patients pay 1200 per day
hospital - फोटो : अमर उजाला

सरकारी अस्पतालों में बाहरी दवाएं और मेडिकल जांच के किस्से अकसर सुनने में आते हैं। लेकिन आश्चर्य है कि यहां मरीजों के मल से हर महीने उगाही होती है। दिल्ली के अस्पतालों में यह धंधा तेजी से चल पड़ा है।

exclusive: government hospitals earning big money from patients poop, icu patients pay 1200 per day
hospital - फोटो : अमर उजाला

सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को मल उठाने के लिए हर आठ घंटे का 400 और दिन भर का 1200 रुपये बाहरी कर्मचारी को देना पड़ता है। अगर कोई मरीज कोमा में है और उसके परिजन मल उठाने में असमर्थ है तो उसे हर महीने 36 हजार रुपये प्राइवेट कर्मचारी को देने पड़ते हैं। जिन्हें अस्पताल के ही कर्मचारियों के जरिये मिलवाया जाता है। पिछले दिनों इस तरह की शिकायतें दिल्ली स्वास्थ्य विभाग से लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंची हैं। जिनमें सरकारी अस्पतालों के इस गोरखधंधे को उजागर किया है।

exclusive: government hospitals earning big money from patients poop, icu patients pay 1200 per day
hospital

शिकायत नंबर एक
भजनपुरा निवासी दुष्यंत दुबे ने शिकायत में लिखा है कि 10 फरवरी को उनकी 90 वर्षीय दादी को बेहोशी की हालत में इहबास में भर्ती करवाया था। चूंकि दादी अचेत अवस्था में थी उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। मल को लेकर जब आईसीयू में मौजूद कर्मचारियों से कहा तो उन्होंने महिला कर्मचारी होने से इंकार कर दिया। साथ ही सलाह दी कि यहां आने वाले हरे मरीज को बाहरी कर्मचारी की सेवा लेनी पड़ती है। जिसके बाद उन्होंने 1200 रुपये प्रतिदिन पर कर्मचारी को रखा। दुष्यंत ने बताया कि वह प्राइवेट कर्मचारी कोई और नहीं बल्कि अस्पताल में ही ठेके पर रखे गए हाउस कीपिंग स्टाफ है। जिन्हें ड्यूटी नहीं मिल पाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
exclusive: government hospitals earning big money from patients poop, icu patients pay 1200 per day
hospital

शिकायत नंबर दो
कानपुर निवासी रमेश मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन महीने से उनकी पत्नी सीमा मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं। अचेत होने की वजह से उन्हें आईसीयू में रखा है। मल उठाने के कर्मचारियों ने उनसे भी यहीं बातें कहीं। जिस पर उन्होंने आपत्ति भी जताई। अस्पताल प्रबंधन से गुजारिश की लेकिन सुनवाई नहीं होने पर स्वास्थ्य मंत्रालय और विभाग को शिकायत कर दी। 

विज्ञापन
exclusive: government hospitals earning big money from patients poop, icu patients pay 1200 per day
hospital

कर्मचारी ही करता है साफ
उधर, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज अगर अक्षम है तो उसके मल की सफाई वहां मौजूद कर्मचारी करेगा। जो मरीज चेतन अवस्था में हैं उन्हें टॉयलेट पैन लाकर दिया जाएगा। साथ ही उस पर बैठने में मदद भी की जाएगी। लेकिन विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि दिल्ली सरकार के किसी अस्पताल के आईसीयू में ऐसा नहीं होता। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed